Money Laundering Case: New twist in ED's investigation of former Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh, agency summons another complainant lawyer
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  • पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की बढ़ी मुश्किलें.

मुंबई/नागपुर. एक बड़ी खबर के अनुसार अब शायद महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) एक बार फिर खुद को गहरे संकट में फंसा हुआ पा सकते हैं क्योंकि अगर इंडियन एक्सप्रेस (Indian Express) और नागपुर टुडे (Nagpur Today)  की एक रिपोर्ट की मानें तो  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में 4 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का भी पता चला है, जिसे कथित तौर पर उन्हें मुंबई में लगभग 10 बार मालिकों ने करीब 3 महीने के लिए उनको भुगतान किया था।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ धन शोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में नागपुर (Nagpur) तथा मुंबई (Mumbai) में स्थित उनके परिसरों पर शुक्रवार को तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन रोकथाम कानून (PMLA) के प्रावधानों के तहत छापे मारे गए और देशमुख के नागपुर में स्थित आवास पर भी छापे मारे गए। दरअसल केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीबीआई की एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद पिछले महीने देशमुख (71) और अन्य के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। इधर मुंबई में, जांच एजेंसी ने देशमुख के निजी सहायक कुंदन शिंदे और निजी सचिव संजीव पलांडे के परिसरों की भी तलाशी फिलहाल ले रही है, जो ED द्वारा देशमुख को बार मालिकों द्वारा कथित नकद भुगतान पर ED द्वारा एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर ही हो रही है।

वहीं अगर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कि एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने इस मामले से सम्बंधित 10 से अधिक बार मालिकों के बयान दर्ज कर लिए हैं। बता दें कि ED की यह जांच पूर्व राज्य गृह मंत्री देशमुख के वित्तीय लेनदेन की CBI की जांच के ही अनुरूप है। बता दें कि मुंबई में कारोबारी मुकेश अंबानी के घर के पास एक एसयूवी मिलने की जांच के दौरान पुलिसकर्मी सचिन वाजे की भूमिका सामने आने के बाद सिंह को पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। इस एसयूवी में विस्फोटक सामग्री रखी मिली थी। पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में सिंह ने आरोप लगाया था कि देखमुख ने वाजे से मुंबई के बार और रेस्त्रां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक वसूलने के लिए कहा था। 

बता दें कि NCP नेता देशमुख उस वक्त उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली MVA सरकार में गृह मंत्री थे। उन्होंने अपने ऊपर लगे इन आरोपों के बाद बोइतेय अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था। इधर सीबीआई ने भी 21 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पूर्व मंत्री के मुंबई तथा नागपुर में स्थित आवासों पर सघन छापे मारे थे। उधर उच्च न्यायालय ने इस मामले में देशमुख के खिलाफ CBI जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।