Bhagat Singh Koshyari visited the bhandara district hospital

भंडारा. राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने बुधवार को जिला सामान्य अस्पताल का दौरा कर अस्पताल के शिशु केयर यूनिट में लगी आग को दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने ऐसी दु:खद घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एहतियाती कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। आग में 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी।

राज्यपाल कोश्यारी ने अस्पताल के घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अस्पताल अग्निकांड के प्रत्येक पीड़ित परिवार को स्वेच्छा निधि से 2-2 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की। वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। राज्यपाल कोश्यारी ने सुरक्षित बचे शिशुओं की माताओं से मुलाकात की। उनका हालचाल जाना। चिकित्सा अधिकारियों को बच्चों और माताओं की उचित देखभाल करने के निर्देश दिए।

उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त आईसीयू कक्ष का दौरा किया। इस निरीक्षण के बाद सीएस कक्ष में राज्यपाल ने जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों से घटना के संबंध में विस्तृत चर्चा की। राज्यपाल के दौरे के वक्त उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले, सांसद सुनील मेंढे, विधायकद्वय परिणय फुके, नरेंद्र भोंडेकर, राजू कारेमोरे, जिलाधिकारी संदीप कदम, जिला पुलिस अधीक्षक वसंत जाधव मौजूद थे। पिछले शनिवार को भंडारा में जिला सामान्य अस्पताल के शिशु केयर यूनिट में आग लगने से दस नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। जबकि 7 शिशुओं को सुरक्षित बचाया गया था।

विश्रामगृह में विविध संगठनों ने की मुलाकात

बुधवार को सुबह राज्यपाल कोश्यारी का स्थानीय विश्रामगृह में आगमन हुआ। उन्होंने अस्पताल में आग की घटना के बारे में जिलाधिकारी संदीप कदम एवं जिला पुलिस अधीक्षक वसंत जाधव से विस्तृत जानकारी मांगी। विभिन्न संस्था एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल से मुलाकात की और घटना के संबंध में ज्ञापन दिया।

दोषियों को कब तक राहत

पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाले अग्निकांड को 4 दिन हो गए। नेताओं के दौरे जारी हैं। जांच समितियां अपना काम कर रही हैं। पीड़ितों को जिस मानसिक स्थिति का सामना करना पड़ा है। सांत्वना के शब्द एवं राहत राशि दोनों नाकाफी हैं। अब लोग सवाल कर रहे हैं कि जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ उन्हें सजा कब मिलेगी। दोषियों को खुली हवा में सांस लेने का अधिकार आखिर कब तक।

दौरों का सिलसिला, अस्पताल प्रबंधन दबाव में

घटना के बाद से हाईफ्रोफाइल व्यक्तियों के आने का सिलसिला शुरू है। इसको लेकर चर्चा है कि अब केंद्र सरकार के मंत्री भी दौरा कर सकते हैं। इसे मानवीयता एवं संवेदनशीलता के तहत आवश्यक बताया जा रहा है। लेकिन अन्य एक पक्ष यह भी है कि हाईप्रोफाइल व्यक्तियों के दौरे से अस्पताल प्रबंधन बेहद दबाव में है। प्रबंधन का ध्यान इन दिनों मरीज़ों की सेवा को छोड़ वीआईपी व्यक्तियों का दौरा सुचारू रूप से संपन्न कराने में लगा हुआ है।

घटना की जानकारी एवं जांच की यथास्थिति से अवगत कराने की ज़िम्मेदारी जिलाधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक वसंत जाधव को निभानी पड़ रही है। पिछले चार दिनों से हाइप्रोफाइल व्यक्तियों की दौरे की वजह से जिला एवं पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी जिला अस्पताल की सुरक्षा एवं व्यवस्था में व्यस्त हैं।