कोरोना संकट : सरकारी दफ़्तरों में रहेगी 50 प्रतिशत उपस्थिति – मुख्यमंत्री

सरकारी दफ्तरों में एक दिन बाद 50 प्रतिशत कर्मचारी आएंगे। साथ ही रेलवे, बस सेवा, निजी बस और मेट्रो को भी 50 प्रतिशत यात्री क्षमता से प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं।

  • दुकानों के समय निश्चित होंगे
  • उपकरणों की उपलब्धता
  • आवश्यक वस्तुओं का भंडारण न करें

मुंबई. कोरोना का सामना करने के लिए उसका प्रसार कम करना आवश्यक हैं। और यह भीड़ पर काबू पाने के बाद ही संभव हो सकता हैं। इसलिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इसमें राज्य में सरकारी दफ्तरों में एक दिन बाद 50 प्रतिशत कर्मचारी आएंगे। साथ ही रेलवे, बस सेवा, निजी बस और मेट्रो को भी 50 प्रतिशत यात्री क्षमता से प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं। 

दुकानों के समय निश्चित होंगे 
शहर के दुकानों के समय निश्चित किये जायेंगे। जिसमे कुछ दुकाने सुबह और कुछ दोपहर को खुलेगी। मार्केट जैसे इलाको में जहा भीड़ होती है वहा भी समय में बदलाव किया जायेगा। 

कोरोना का सामना करने के लिए उसका प्रसार कम करना आवश्यक हैं। और यह भीड़ पर काबू पाने के बाद ही संभव हो सकता हैं। इसलिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इसमें राज्य में सरकारी दफ्तरों में एक दिन बाद 50 प्रतिशत कर्मचारी आएंगे। साथ ही रेलवे, बस सेवा, निजी बस और मेट्रो को भी 50 प्रतिशत यात्री क्षमता से प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं।

उपकरणों की उपलब्धता 
मुख्यमंत्री ने कहा कि, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में सभी प्रकार के उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही आवश्यक मेडिकल उपकरण, व्हेंटिलेशन, मास्क और मेडिकल कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और दवाई उपलब्ध हैं.

जिन लोगों को होम क्वॉरंटाईन बताया है उन्होंने खुद घर में रहकर अन्य लोगों की सेहत का ध्यान रखे। कहि भी बिना वजह न घूमे। क्वॉरंटाईन की मुहर लगी व्यक्ति कहि दिखाई देती है तो उन्हें जबरन अस्पताल भर्ती करने के आदेश दिए हैं। 

आवश्यक वस्तुओं का भंडारण न करें 
मुख्यमंत्री ने कहा, लोगों ने आवश्यक वास्तु, दवाई, खाद्यान्न का भंडारण न करें। इस स्थिति का फायदा उठाकर कोई वास्तु जमा कर रहा है तो उनपर कड़ी करवाई करने के आदेश दिए गए हैं।