फडणवीस ने खोली शरद पवार की पोल, क्या लिखा है पवार ने आत्मकथा में ?

मुंबई. 8 दिसंबर को विभिन्न राजनीतिक दलों (Political Party) और किसान संगठनों (Farmer organizations) ने भारत बंद (Bharat Band) का ऐलान किया है। इस पृष्ठभूमि पर विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Leader of the Opposition in the Assembly Devendra Fadnavis) ने विपक्षी राजनीतिक दलों की भूमिका को दोगली बताया है।

फडणवीस ने कहा, केंद्र सरकार (Center Government) द्वारा बनाए गए कानून महाराष्ट्र (Maharashtra) समेत कई राज्यों में लागू हैं। लेकिन सभी राजनीतिक दल केवल मोदी सरकार (PM Narendra Modi Government) का विरोध करने के लिए भारत बंद का समर्थन (Support) कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने 2010 में शरद पवार (Sharad Pawar) द्वारा लिखे गए एक पत्र का उदाहरण भी दिया। शरद पवार ने इसे सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा है। उस पत्र में उन्होंने एपीएमसी अधिनियम (APMC Act) में बदल करने की आवश्यकता का भी हवाला दिया। यह पत्र देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकार परिषद में पढ़कर दिखाया। 

विपक्ष नेता ने कहा, “भारत बंद का समर्थन करने वाले सभी दल ‘बहती गंगा में हाथ धोना’ इस कहावत के अनुरूप है। महाराष्ट्र में यह कानून पिछले कई सालों से लागू है। इसलिए, मुझे लगता है कि, मोदी सरकार का विरोध करने के लिए कृषि कानूनों का विरोध किया जा रहा है।”

पवार की आत्मकथा में भी कानून बदलने की आवश्यकता  

शरद पवार की आत्मकथा (Autobiography) प्रकाशित हुई है। फडणवीस ने शरद पवार द्वारा किसानों के बारे में दिए गए बयान को भी पढ़ा। देश में हर साल 55 हजार करोड़ रुपये की कृषि उपज का नुकसान होता है। यह एक बड़ा नुकसान है। इसलिए कृषि उपज को केवल एपीएमसी में बेचा जाना चाहिए इस कानून को बदलना चाहिए ऐसा उल्लेख पवार की आत्मकथा में किया है। 

यह स्थिति देश में अराजकता का माहौल बनाने के लिए बनाई गई है।

देवेंद्र फडणवीस, विपक्ष नेता, विधानसभा