Stan Swamy

    मुंबई. एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गिरफ्तार आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टैन स्वामी की जमानत अर्जी पर यहां एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को अपने आदेश को 15 मार्च तक स्थगित कर दिया। अदालत बृहस्पतिवार को आदेश दे सकती थी लेकिन फिर उसने इसे टाल दिया। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जमा किये थे और स्वामी के वकील ने जवाब देने के लिए वक्त मांगा।

    फिलहाल नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद स्वामी को एनआईए ने पिछले साल आठ अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। स्वामी ने अपनी जमानत अर्जी में कहा था कि भारत के भूमि संघर्ष और जातियों के बारे में उनके लेखन तथा कामकाज की प्रकृति के कारण एनआईए उन पर निशाना साध रही है।

     

    जमानत अर्जी में यह भी कहा गया कि स्वामी किसी भी तरह 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में एल्गार परिषद के कार्यक्रम के आयोजन से नहीं जुड़े थे। हालांकि एनआईए ने दावा किया कि उसके पास प्रथमदृष्टया यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि आरोपी गहरी साजिश में शामिल थे और नक्सली आंदोलन में सीधे तौर पर जुड़े थे।

    संबंधित घटनाक्रम में ही अदालत ने कार्यकर्ता वरवरा राव की पेशी से छूट की अर्जी को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था। उन्हें बंबई उच्च न्यायालय ने चिकित्सा आधार पर छह महीने के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की है। एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में राव, स्वामी और कई अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। (एजेंसी)