Stan Swamy

मुंबई. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) (National Investigation Agency) ने आदिवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता स्टेन स्वामी (Stain Swami) की जमानत याचिका (Bail petition) का सोमवार को विरोध किया। स्वामी को एल्गार परिषद-माओवादियों (Elgar Council-Maoists) के बीच कथित संबंध के मामले में गिरफ्तार किया गया था और आरोप लगाया था कि वह 2017 की घटना की साजिश और नक्सली मुहिम में संलिप्त थे। (elgar parishad : NIA opposes the bail plea of Stan Swamy)

विशेष अदालत में स्वामी की जमानत याचिका के जवाब में विशेष लोक अभियोजक प्रकाश शेट्टी (Prakash Shetty) के जरिए दाखिल एक हलफनामे में एनआईए ने दावा किया कि उसके पास प्रथम दृष्टया यह साबित करने के लिए ठोस सबूत हैं कि आरोपी साजिश में शामिल था और सीधे तौर पर नक्सली मुहिम में संलिप्त था।

आदिवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले स्वामी (83) को आठ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और वह नवी मुंबई की तलोजा जेल में हैं। एनआईए ने हलफनामे में दावा किया कि स्वामी के खिलाफ उनके गृह राज्य झारखंड में पूर्व में इसी तरह का एक मामला दर्ज किया गया था। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि वह स्वामी के कंप्यूटर से जमा डिजिटल सबूतों और ई-मेल को लेकर अब भी जांच कर रही है और उनकी जमानत याचिका खारिज करने का अनुरोध किया। एनआईए की विशेष अदालत 21 दिसंबर को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। (एजेंसी)