DESHMUKH
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    मुंबई/नागपुर. एक बड़ी खबर के अनुसार आज यानी शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के घर पर छापेमारी की है । जी हाँ आज ED ने अनिल देशमुख के नागपुर वाले घर पर सघन छापेमारी की है। गौरतलब है कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) की ओर से लगाए गए आरोप के बाद पुर राज्य गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ था, जिसके चलते ED उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। 

    पता हो कि परमबीर सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक पत्र लिखकर पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार को लेकर कुछ बड़े ही गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही परमबीर सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट में भी एक एक याचिका दायर की थी, जिसमें इस बात का उल्लेख था कि अनिल देशमुख ने ही सचिन वाजे को हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की उगाही करने को बोला था। 

    इधर अब मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल देशमुख के घर पर अब दूसरी बार छापा मारा है। इससे पहले बीते 25 मई को उनके घर पर छापेमारी हुई थी। विदित हो कि प्रवर्तन निदेशालय से पहले CBI ने उनके घर पर छापेमारी की थी। हालाँकि अनिल देशमुख पर ये इल्जाम लगने के बाद उन्होंने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही परमबीर सिंह के अलावा बाद में सचिन वाजे ने भी अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का आरोप लगाया था। 

    दरअसल सचिन वाजे ने ANI को दिए अपने एक बयान में साफ़ कहा कि, “मैंने बीते 6जून 2020 को दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की थी। हालांकि मेरी ज्वाइनिंग से शरद पवार बिल्कुल खुश नहीं थे, और उन्होंने मुझे दोबारा सस्पेंड करने के लिए कहा। यह बात मुझे खुद अनिल देशमुख ने ही बताई थी। अनिल देशमुख ने मुझसे पवार को मनाने के लिए दो करोड़ रुपये भी मांगे थे। इतनी बड़ी रकम मेरे लिए तो चुकाना मुमकिन ही नहीं था, फिर अनिल देशमुख ने मुझे इसे बाद में चुकाने को कहा। इसके बाद मेरी पोस्टिंग मुंबई के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में हुई थी।”

    इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन की रोकथाम कानून (PMLA) के प्रावधानों के तहत छापे मारे गए और देशमुख के नागपुर में स्थित आवास पर भी छापे मारे गए। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीबीआई (CBI) की एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद पिछले महीने देशमुख (71) और अन्य के खिलाफ धन शोधन की रोकथाम कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।CBI ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर एक मामला दायर करने के बाद प्रारंभिक जांच की थी जिसके बाद ईडी ने मामला दर्ज किया। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए रिश्वत के आरोपों की जांच के लिए कहा था।