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मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने देवेंद्र फड़णवीस नीत पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई जलयुक्त शिवार जल संरक्षण योजना की जांच कराने का बुधवार को फैसला किया। एक अधिकारी ने बताया कि यहां दिन में राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि योजना की जांच के लिये एक विशेष जांच टीम (एसआईटी)का गठन किया जाएगा। 

जलयुक्त शिवार (गांव) योजना, फड़णवीस की एक प्रिय परियोजना थी, जो 2019 तक राज्य को सूखा मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। परियोजना में जल धाराओं को गहरा और चौड़ा करना, जल एकत्र करने के लिये सीमेंट और मिट्टी के बांध बनाना, नाला बनाना तथा खेत तालाब बनाने का कार्य शामिल था। 

शिवसेना भी 2014-19 के दौरान फड़णवीस नीत सरकार का हिस्सा थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जलयुक्त शिवार योजना में फड़णवीस के कार्यों की सराहना किये जाने के एक दिन बाद इस जांच की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा के पटल पर इस महीने की शुरूआत में रखी गयी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में जलयुक्त शिवार अभियान के क्रियान्वयन की आलोचना करते हुए कहा था कि 9633.75 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के बावजूद भूजल स्तर बढ़ाने में इस अभियान का बहुत कम असर देखने को मिला है। (एजेंसी)