फडणवीस का ठाकरे को पत्र, कहा – “महिला सुरक्षा के लिए सरकार गंभीर नहीं”

  • राज्य में महिला अत्याचार में वृद्धि

मुंबई. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और अब विधानसभा में विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने फिर एक बार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर आरोप लगाया है कि, “राज्य में दिन-प्रतिदिन महिलाओं पर अत्याचार में वृद्धि हो रही है और राज्य सरकार महिला सुरक्षा की ओर अनदेखी कर रही है।”

फडणवीस ने कहा कि, सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर तत्काल उपाय योजना करनी चाहिए। साथ ही कोविड और क्वारंटीन सेंटर में महिला सुरक्षा के एसओपी निर्माण की मांग फडणवीस ने की है। 

इससे पहले भी फड़नवीस ने मुख्यमंत्री को महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय के बारे में पत्र लिखा था। लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए फडणवीस ने फिर से यह पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि, “महिला सुरक्षा के बारे में ठाकरे सरकार कोई भी सावधानी नहीं बरत रही है। अन्य विषयों पर जोर-जोर से बात करने वाले चेहरे, दिन में कई बार टीवी पर दिखने वाले चेहरे इस विषय पर कोई विरोध जताते हुए नहीं दिखाई देता है।” 

फडणवीस ने बताया कि फरवरी 2020 में, महिलाओं/लड़कियों को जलाकर हत्या करने की कम से कम 7 घटनाएं हुईं। यह घटनाएं हिंगनघाट, सिल्लोड, पनवेल, मीरा रोड, लातूर, नागपुर और लासलगाँव में हुईं थी। जिसके बाद मिडिया में दिशा कानून की चर्चा हुई और कुछ दिनों बाद यह प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया। 

पनवेल क्वारंटीन सेंटर में बलात्कार (17 जुलाई), सिंहगढ़ क्वारंटीन सेंटर में सुरक्षा गार्ड द्वारा छेड़छाड़ (20 जुलाई), पुणे में सह्याद्री अस्पताल में एक वार्डबॉय द्वारा छेड़छाड़, क्वारंटीन सेंटर में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ (20 जुलाई), इचलकरंजी क्वारंटीन सेंटर में छेड़छाड़ (15 मई), नंदुरबार में वार्डबॉय द्वारा छेड़छाड़, चंद्रपुर क्वारंटीन सेंटर में युवती से छेड़छाड़, मालाड क्वारंटीन सेंटर में छेड़छाड़, मीरा-भयंदर में कोविड सेंटर में एक महिला का बलात्कार, मनखुर्द में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और बडनेरा के सरकारी लैब में प्राइवेट पार्ट से स्वाब लेने की घटनाएं हुईं। लेकिन दुर्भाग्य से, इन सबके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 

लगातार बढ़ती हुई घटनाओं के मद्देनज़र, सभी कोविड सेंटर्स के लिए तत्काल एसओपी स्थापित करने की आवश्यकता है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन को संवेदनशील होना चाहिए ताकि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं न हों। देवेंद्र फडणवीस ने उम्मीद की है कि, सरकार इन घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान देकर आवश्यक उपाय करेगी।