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  • CM उद्धव का कोश्यारी पर पलटवार,हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं.

आनंद मिश्र/राहुल गोस्वामी की रिपोर्ट 

मुंबई. एक तरफ महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना लड़ाई अपने निर्णायक मोड़ पर है वहीं अब प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में आज यानी मंगलवार को  BJP के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुंबई में प्रदर्शन किया है। वहीं दूसरी तरफ शिरडी में साधु-संत इस मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठ चुके हैं। साथ ही  राज्यपाल कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshiyari)  ने इस बाबत प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhhav Thackrey) को एक चिट्ठी भी लिखी है। जिस पर CM उद्धव ने भी ताबड़तोड़ जवाब दिया है। 

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने लिखी चिट्ठी 

दरअसल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी अपनी चिट्ठी में धार्मिक स्थलों को खोलने का आह्वान किया है। इस चिट्ठी में राज्यपाल ने लिखा कि, “1 जून से आपने मिशन फिर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन आज चार महीने बाद भी पूजा स्थल नहीं खोले जा सके हैं।” यही नहीं राज्यपाल कोशियार ने यह भी लिखा कि, “यह भी एक अजीब स्तिथि है कि, एक तरफ सरकार  ने बार और रेस्तरां खुलवा दिए हैं, लीकिन वहीं दूसरी तरफ विभिन्न देव स्थलों को अभी भी नहीं खोला गया है। आप तो हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर में से हैं और आपने भगवान् राम के लिए सार्वजानिक रूप से से अपनी भक्ति व्यक्त भी की है।” इस चिट्ठी में आगे उन्होंने लिखा है कि, “आप स्वयं तो आषाढ़ी एकादशी पर विट्ठल रुक्मणी मंदिर का दौरा करने गए थे, क्या अब आपने अचानक खुद को अचानक ‘धर्मनिरपेक्ष’ बना लिया है? जिस शब्द से अब तक आपको नफरत है?”

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी दिया जवाब 

अब इसी पत्र पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपना करारा जवाब भेज दिया है।इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दो पेज का ताबड़तोड़ जवाब भेजा गया जिसमें उद्धव ठाकरे ने कहा कि “पत्र में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है। हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।” मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्र में ये भी लिखा कि “मेरे राज्य की राजधानी को POK कहने वालों को हंसते हुए घर में स्वागत करना मेरे हिंदुत्व में नही बैठता है।” गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर से की थी। बावजूद इसके राज्यपाल ने कंगना को मिलने का समय दिया था।

साधू-महंतों का  शिरडी  अनशन शुरू 

वहीं दूसरी तरफ साईं मंदिर खोलने के लिए BJP के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के महंतों ने शिरडी में एकदिवसीय अनशन आरम्भ कर दिया है। बता दें कि कोरोना के चलते सूबे में पिछले 7 महीनों से समस्त मंदिर बंद है। लेकिन यह भी प्रासंगिक है कि सरकार ने शराब की दुकानें वापस खुलवा दी हैं लेकिन मंदिर नहीं , जिसके चलते अब  साधु संतों  गुस्से में आकर अनशन में बैठ गए हैं। 

पुणे में BJP का प्रदर्शन,

इस बीच BJP, राज्य में मंदिरों के खोलने को लेकर फिर आक्रामक हो गयी है। इसके चलते आज पुणे सहित कई अन्य शहरों में मंदिरों के बाहर आंदोलन किया गया है। इसका प्रधान कारण अनलॉक में कई व्यवसाय और सार्वजनिक सेवा बहाल किया जाना है लेकिन फिर भी धार्मिक स्थल को खोलने में वरीयता नहीं दी गयी। जिसके कारण राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ BJP ने अपना प्रदर्शन किया है। वहीं पुणे शहर के ग्रामदैवत तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भजन कर आज BJP ने अपना प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उद्धव सरकार का कुम्भकर्ण के तरह सोते प्रतीकात्मक पुतला भी बनाया गया। इस प्रदर्शन में BJP के शहर अध्यक्ष जगदीश मलिक के साथ कई BJP कार्यकर्ता आन्दोलन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।  

 

आनंद मिश्र