बाढ़ से महाराष्ट्र में भारी नुकसान, केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग

मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बाढ़ (flood) से हुए भारी नुकसान (Heavy loss ) से निपटने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) से आर्थिक पैकेज की मांग की है. उन्होंने कहा है कि भारी बारिश की वजह से सोलापुर (Solapur), उस्मानाबाद (Osmanabad) , पुणे (Pune) और सांगली (Sangli) समेत कई जगहों में आम लोगों के साथ  किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं. थोरात ने कहा है कि  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संबंधित अधिकारियों को किसानों को हुए नुकसान का पंचनामा के निर्देश दिए हैं. 

उन्होंने कहा कि जल्द ही किसानों की मदद के लिए लिए  केंद्र सरकार के पास भी आर्थिक पैकेज देने का प्रस्ताव भेजा जाएगा. थोरात ने कहा कि इससे पहले भी प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए  केंद्र सरकार के पास आर्थिक पैकेज का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वहां से काफी कम मदद मिली थी. उन्होंने इस बार के भारी नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार से  बड़े आर्थिक पैकेज देने की मांग की है.ठाकरे सरकार बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा ले रही है.  

57354 हेक्टेयर खेती की फसल बर्बाद 

एक अनुमान के मुताबिक महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश की वजह से करीब 57354 हेक्टेयर खेती की फसल बर्बाद हो गई है. बाढ़ से जिन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, उनमें सांगली, सातारा, पुणे और सोलापुर शामिल है. बाढ़ से मुख्य रूप से अंगूर , गन्ना और सोयाबीन की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. बाढ़ में लगभग 513 पशुओं की जान चली गई.

बाढ़ से 28 लोगों की मौत 

महाराष्ट्र में बाढ़ से अंतिम समाचार मिलने तक 28 लोगों की मौत हो चुकी थी. इनमें से 14 लोगों की मौत सोलापुर में, 9 सांगली में, 4 पुणे में और 1 सतारा में हुई है. बाढ़ में 2,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. बाढ़ प्रभावित जिलों में से 21,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.