Mukesh Ambani Case: Mansukh Hiren's murder may have been done in a car stolen from Aurangabad, say sources
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    मुंबई. व्यवसायी मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की कथित हत्या के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) (ATS) ने एक पुलिसकर्मी और एक सट्टेबाज को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता पायी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी और बताया कि मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाझे (Sachin Vaze) ने अपराध में मुख्य भूमिका निभाई थी और वह मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है। उन्होंने कहा कि शनिवार देर रात गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और सट्टेबाज नरेश गौर के रूप में हुई है।

    अधिकारी ने दिन में सट्टेबाज का नाम नरेश धरे बताया था लेकिन बाद में उसका नाम नरेश गौर बताया गया। उन्होंने बताया कि शिंदे 2006 के लाखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले का दोषी है और वह पिछले ही साल फर्लों पर जेल से रिहा हुए था। उसके बाद से ही शिंदे वाझे के संपर्क में था। वाझे फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में है, जो उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास 25 फरवरी को विस्फोटक भरे वाहन मिलने के मामले की जांच कर रही है। उक्त मामले में प्रयुक्त वाहन (एसयूवी, स्कॉर्पियो) मनसुख हिरेन का था। हिरेन का शव पांच मार्च को ठाणे में मिला।

    केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को हिरेन हत्याकांड की जांच भी एनआईए को सौंप दी थी। अधिकारी ने बताया, “हिरेन हत्या कांड में सचिन वाझे मुख्य आरोपी है। उसने मुख्य भूमिका निभाई है। जांच के दौरान एटीएस को पता चला कि गौर ने एपीआई वाझे और शिंदे को अपराध के लिए पांच सिमकार्ड मुहैया कराए थे। शिंदे अवैध गतिविधियों में वाझे की मदद किया करता था।” उन्होंने कहा कि एटीएस जांच कर रही है कि क्या मामले में और लोग भी संलिप्त हैं और उनकी क्या भूमिका रही है। उन्होंने कहा, “एटीएस जांच कर रही है कि मुख्य षड्यंत्रकारी (हिरेन हत्याकांड में) कौन है।”

    उन्होंने कहा, “दोनों आरोपियों को मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को एटीएस मुख्यालय बुलाया गया था, बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया।”

    अधिकारी ने बताया, “राज्य एटीएस ने अभी तक कई लोगों से पूछताछ की है, जिनमें पुलिस अधिकारी और मृतक के परिजन शामिल हैं। इन दो लोगों की गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है।”

    एटीएस ने हिरेन हत्याकांड के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंसं की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच, भाजपा ने कहा कि इस पूरे खेल में वाझे सिर्फ एक मोहरा हो सकता है। (एजेंसी)