Photo - Jansatta
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  • परिवहन पर कोई असर नहीं

मुंबई/पुणे. महाराष्ट्र (maharashtra) में मंगलवार को किसानों के ‘भारत बंद’ (Bharat Band) के दौरान मुंबई (Mumbai) और अन्य हिस्सों में परिवहन सेवा (Transport service) कुल मिलाकर सामान्य रही, जबकि कृषि उत्पाद विपणन समिति (Agricultural Produce Marketing Committee) (एपीएमसी) बाजार बंद रहे। इस दौरान राज्य में विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह प्रदर्शन किए। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ का गैर भाजपा दलों ने समर्थन किया, जिनके कार्यकर्ता कृषकों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। (How much impact of Bharat Bandh in Maharashtra)

राज्य में हालांकि जनजीवन कुल मिलाकर सामान्य रहा। ट्रेन सेवा, सार्वजनिक एवं निजी बस सेवा, टैक्सी और ऑटोरिक्शा हर रोज की तरह चले। हालांकि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने अपनी कुछ सेवाएं स्थगित रखीं। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा कि उपनगरीय ट्रेन सेवाओं और मुंबई से बाहर जानी वाली ट्रेनों पर भी कोई असर नहीं पड़ा।

टैक्सी और ऑटोरिक्शा यूनियनों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मुंबई में उनकी सेवाएं सामान्य रहीं। मुंबई और आसपास के शहरों में बसों का संचालन करनेवाली बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) इकाई के एक प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 85 प्रतिशत बसें सड़कों पर थीं। उन्होंने कहा, ‘‘3,435 निर्धारित बसों में से 2,913 बसें सड़कों पर थीं।” एमएसआरटीसी के जनसंपर्क अधिकारी अभिजीत भोसले ने कहा कि उन्होंने यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से या सावधानी के तौर पर अपनी कुछ सेवाएं स्थगित रखीं। उन्होंने बताया कि एमएसआरटीसी ने निर्धारित 11,799 बसों में से मंगलवार दोपहर तक केवल 7,634 बसों का संचालन किया।

भोसले ने कहा कि बंद की वजह से 3,717 और अन्य कारणों से 448 बसें रद्द कर दी गईं। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।” ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि बंद के चलते कुछ हद तक माल ढुलाई पर असर पड़ा क्योंकि बहुत से ट्रक सड़कों से नदारद रहे। महाराष्ट्र राज्य मोटर मालिक संघ के नेता कैलाश पिंगले ने कहा, ‘‘अनेक ट्रक मालिकों ने बंद के समर्थन में अपने वाहनों को सड़कों से नदारद रखा, लेकिन हमने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को नहीं रोका।”

वहीं, महाराष्ट्र राज्य ट्रक टेंपो टैंकर्स वाहतुक संघ के सचिव दया नटकर ने कहा कि दूध, सब्जियों और फलों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को नहीं रोका गया। टैक्सी यूनियन के नेता ए एल क्वाद्रोस ने कहा कि मुंबई में टैक्सियां सड़कों पर चलीं क्योंकि कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते क्षेत्र पहले ही बुरी मार झेल चुका है। राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने ‘भारत बंद’ को अपना समर्थन दिया, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सार्वजनिक परिवहन सेवा में बाधा न डालने की अपील की थी।

पुणे में भी सार्वजनिक परिवहन पर कोई असर नहीं पड़ा। इस बारे में पुणे महानगर परिवहन महामंडल के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘शहर में हमारे सभी परिचालन अप्रभावित रहे और कहीं से भी बसों को रोके जाने की कोई खबर नहीं मिली।” बंद के चलते राज्य में कई जगह एपीएमसी बाजार बंद रहे। पुणे, नासिक, नागपुर और औरंगाबाद जैसे बड़े शहरों में थोक बाजार बंद रहे। नवी मुंबई में कल्याण और वाशी में एपीएमसी बंद रहीं क्योंकि थोक विक्रेताओं और व्यापारियों ने बंद का समर्थन किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ठाणे और पालघर शहरों में सार्वजनिक सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुईं।

पुणे में एपीएमसी बंद रहीं और वहां कोई खरीद-बिक्री नहीं हुई। एपीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार की रात केवल 20 प्रतिशत कृषि उत्पाद प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘पुणे में एपीएमसी में बीती रात दूसरे राज्यों से 25 ट्रकों सहित कुल 188 वाहन पहुंचे। एपीएमसी में आज सभी दुकानें बंद रहीं और कोई लेन-देन नहीं हुआ।” राकांपा प्रवक्ता एवं राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने मुंबई के चेंबूर में पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का नेतृत्व किया। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुणे के अल्का चौक पर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्वाभिमानी शेतकारी संगठन ने प्रदर्शन किया और विवादित कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। अहमदनगर जिले के पुनतांबा गांव में भी एक प्रदर्शन हुआ जो 2017 के किसान आंदोलन का केंद्र था। पुलिस ने बताया कि सोलापुर शहर में माकपा और इससे संबंधित संगठनों के कम से कम 60-70 सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया। एआईसीसीटीयू, भाकपा और कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद जिले में एक राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। (एजेंसी)