रसूखदार व्यक्तियों ने किया BHR में 1100 करोड़ का गबन : खड़से

  • कहा-पूर्व मंत्री गिरीश महाजन के लेटर पैड किस तरह संदिग्ध अपराधी झंवर के यहां पहुंचे

-वाहिद काकर

जलगांव. जिले में भाईचंद हीराचंद रायसोनी क्रेडिट कॉपरेटि बैंक में हुए गबन का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. सोमवार को पूर्व मंत्री NCP नेता एकनाथ राव खड़से (Eknath Rao Khadse) ने एक बड़ा विस्फोटक बयान दिया है.  उन्होंने कहा कि बीएचआर (BHR) मामले में 1,100 करोड़ रुपये के घोटाले की संभावना है. इसमें राजनीतिक दलों के कई दिग्गज लोग शामिल हैं.

पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से ने कहा कि बीएचआर को-ऑपरेटिव बैंक में घोटाला 1,100 करोड़ रुपये का है, जिसमें बड़ी संख्या में बड़े रसूख वाले लोगों ने बैंक की संपत्ति को बड़े पैमाने पर खरीदा है और उनके नाम पुलिस जांच में सामने आए हैं. खड़से ने आरोप लगाया है कि रसूखदार व्यक्तियों ने ही बीएचआर में ग्यारह सौ करोड़ का गबन किया है.

पूर्व मंत्री गिरीश महाजन के लेटर पैड किस तरह संदिग्ध अपराधी झंवर के यहां पहुंचे. वाटर ग्रेस कंपनी के कागजात और कर्मियों के भुगतान से महाजन कनेक्शन्स साबित हुआ हो रहा है. इस तरह बिना नाम लिए खड़से ने महाजन पर निशाना साधा है.

दिल्ली से की गई भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश 

खड़से के निवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने  फिर एक बीजेपी पर हमला बोला है. इस भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश दिल्ली से की गई थी. उन्होंने कहा कि  इस मामले को केंद्र सरकार ने व्यवस्थित रूप से दबा दिया था और यहां तक​​कि दिल्ली से जांच द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन भी नहीं किया गया था.

BHR घोटाला की जांच आर्थिक क्राइम ब्रांच पुणे द्वारा जारी है. पूर्व मंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता एकनाथराव खड़से आज इस घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. सभी की निगाहें उन पर टिकी हुई थी. चूंकि खड़से ने इस मामले में पहले शिकायत दर्ज कराई थी.

राधामोहन सिंह केंद्रीय सहकारिता मंत्री थे. इस मामले में उन्होंने जांच का निर्देश दिया था. हालांकि उस समय पूछताछ नहीं की गई.  पुलिस पर राजनीतिक दबाव के कारण जांच को भी दबा दिया.  हालांकि जांच के निर्देश 2018 में दिए गए थे, जिसे राजनीतिक रसूखदार व्यक्ति ने दबा दिया है, लेकिन अब जांच का विस्फ़ोट हुआ है.

वाटर ग्रेस कंपनी के कागजात और कर्मियों के भुगतान से साबित हुआ महाजन कनेक्शन

पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से ने भाजपा के कद्दावर विधायक गिरीश महाजन को घेरने का भरपूर प्रयास किया. उन्होंने आरोप लगाया है कि छापामार कार्रवाई में बीएचआर के झंवर के यहां गिरीश महाजन के लेटर पैड कैसे आए. वाटर ग्रेस कंपनी के कागजात और कर्मियों के भुगतान के पेपर भी वहां पर क्यों धूल फांक रहे थे. वाटर ग्रेस के दस्तावेज वहां कैसे पहुंचे?  वहां से वेतन का भुगतान कैसे किया गया था? इस मामले में उन्होंने आरोप लगाया कि जलगांव, जामनेर, पुणे और अन्य शहरों में संपत्ति  का मोल भाव खरीदी गई थी.  जब तक डिपॉजिटरों को उनका पैसा नहीं मिलता, तब तक इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे.  उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बिना किसी दबाव के सच्चाई को सामने लाएगी. इस मामले में जांच पड़ताल में जल्दी बड़े नेताओं को जल्दी पर्दाफाश किया जाएगा, इस तरह की आशा भी खड़से ने व्यक्त की है