Providing health facilities is the priority of the state government- Chief Minister Uddhav Thackeray

    मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) ने रविवार को यह स्पष्ट किया कि राज्य में अप्रैल से लागू लॉकडाउन (Lockdown) जैसी पाबंदियां अभी भी जारी हैं और तय किए गए मानकों के अनुसार स्थानीय प्रशासन (Local Administration) को पांबदियों में ढील देने और सख्ती बरतने के संबंध में निर्णय लेना होगा। राज्य सरकार ने सोमवार से प्रदेश में पाबंदियों में ढील देने के लिये पांच स्तरीय योजना की घोषणा की थी।

    इसमें साप्ताहिक संक्रमण दर और ऑक्सीजन बिस्तरों पर मरीजों की संख्या के आधार पर ढील देने की बात कही गई है। इस संबंध में शुक्रवार रात एक अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इसी घोषणा के संबंध में ठाकरे का यह बयान सामने आया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा, ”पाबंदियों के संबंध में पांच स्तरीय योजना को लेकर चार जून की अधिसूचना के बाद ऐसी आम धारणा देखने को मिली है कि राज्य में लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को हटा लिया गया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन आवश्यकतानुसार पाबंदियों में ढील देने या उन्हें और कड़ा बनाने के बारे में फैसला लेगा।”

    उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन को मानदंडों को लेकर कोई भी शंका है तो उन्हें वर्तमान पाबंदियों को जारी रखना चाहिए। ठाकरे ने जिलाधिकारियों, संभागीय आयुक्तों और पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान ये बातें कहीं।

    मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अफसरों को राज्य में कहीं भी भीड़ एकत्र होने से रोकने और कोविड-19 नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  महाराष्ट्र में अनलॉक अधिसूचना के अनुसार, जिन इलाकों में संक्रमण की दर पांच प्रतिशत या उससे कम और ऑक्सीजन बिस्तरों पर मरीजों की संख्या 25 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें पहली श्रेणी में रखा जाएगा और वहां सब कुछ खोल दिया जाएगा।

    वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले क्षेत्रों को पांचवी श्रेणी में रखा जाएगा, जिनमें आवश्यक दुकानें खुलेंगी और कार्यालयों में 15 प्रतिशत से अधिक कर्मियों के आने पर पाबंदी रहेगी।(एजेंसी)