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    नयी दिल्ली/मुंबई.  एक बड़ी खबर के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय(Enforcement Directorate) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का मामला आज दर्ज किया है। सूत्रों और प्राप्त ख़बरों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने CBI की FIR के आधार पर ही देशमुख पर मामला दर्ज किया है।

    देशमुख के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय अब देशमुख और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकता है।

    गौरतलब है कि इसके कुछ दिन पहले ही बॉम्बे HC (Bombay High Court) ने भ्रष्टाचार के मामले में CBI की FIR को चुनौती देने वाले अनिल देशमुख की याचिका को फिलहाल स्थगित कर दिया था। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने पूर्व गृहमंत्री को यह भी निर्देश दिया था कि अगर जरूरत पड़ी तो उनके केस की तात्कालिकता के आधार पर हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच को स्थानांतरित किया जाए। वहीं हाईकोर्ट ने CBI से 4 सप्ताह में देशमुख की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा था। मामले में अगली सुनवाई अब अदालत के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होनी थी।

    बता दें कि  कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बीते करीब डेढ़ महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक लेटर में यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि तत्कालीन राज्य गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दे रखा था।  

    हालाँकि अनिल देशमुख ने आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया था। लेकिन इन आरोपों के चलते बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से CBI जांच के आदेश के बाद देशमुख को पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। गृह मंत्री के बड़े पद से हाथ धोने के बाद वह इस समय CBI जांच का भी सामना कर रहे हैं। वहीं अब प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने भी अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला आज दर्ज किया है।

    विदित हो कि  यह पूरा मामला उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोटक वाली कार से शुरू हुआ था। फिर क्रमशः इस मामले में मुंबई पुलिस के API सचिन वाझे का नाम सामने आने के बाद विवाद और बढ़ता गया और साथ ही कई बड़े नाम भी इसमें जुड़ते चले गए, जिनमे पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी फंसे हुए हैं । लेकिन अब  प्रवर्तन निदेशालय ने जो उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है, उससे भी अब उनके लिए आगे का रास्ता और कठिन और काँटों भरी हो सकती है।