Maharashtra gets 9 lakh 63 thousand vaccines: Rajesh Tope

  • राज्य में 17 लाख टीकों की जरूरत

मुंबई. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Health Minister Rajesh Tope) ने कोविशील्ड टीकों (Covshield vaccines) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब तक 9 लाख 63 हजार डोसेज (Doses) मिले हैं। ये डोसेज सीरम (Serum) से मिले हैं। 20 हजार डोसेज भारत बायोटेक (Bharat Biotech) से मिले हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में साढ़े 17 लाख टीकों की जरूरत है, जिसमें से अभी तक 55 फीसदी डोसेज आ गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 4 से 6 हफ्ते के अंतराल में ये 2 डोसेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 8 सेंटर्स हैं और राज्य के इन 8 जगहों पर डोसेज रवाना हो रहे हैं। अकोला, नागपुर, नासिक, ठाणे, औरंगाबाद, मुम्बई, पुणे, लातूर इन जगह सेंटर्स हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि 15 तारीख के श्याम तक सभी जगह डोसेज पहुंच जाएंगे। 

16 जनवरी को PM मोदी करेंगे वैक्सिनेशन का ऑनलाइन शुभारंभ

उन्होंने जानकारी दी कि 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैक्सिनेशन का  ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे। महाराष्ट्र के कूपर हॉस्पिटल और जालना सेंटर पर पीएम ऑनलाइन इंटरेक्ट करेंगे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, ग्रामीण अस्पतालों में डोसेज दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में करीबन 8 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। 8 लाख कर्मचारियों को 2 बार में टीके देने होंगे, जो 16 लाख होगा। 10 फीसदी वेस्टेज होता है। इस तरह कुल साढ़े 17 लाख डोसेज की जरूरत है।  महाराष्ट्र को कम वैक्सीन मिली हैं पर हमें विश्वास है कि फिर से राज्य को वैक्सीन मिलेंगी, क्योंकि दो डोज मिलकर जरूरत साढ़े 17 लाख की है। 

वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं 

उन्होंने बताया कि अब 511 की जगह 350 सेंटर्स पर वैक्सीन दी जाएगी। 100 लोगों को एक सेंटर पर वैक्सीन दी जाएगी, इस तरह पहले दिन  35 हजार लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य होगा।  स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जो क्रिटिकल पेशंट हैं उन्हें  वैक्सीन लेने के बाद थोड़ा, सूजन, चक्कर आना इस तरह के मामूली इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पूरी व्यवस्था को चाकचौबंद रखा है.