Parliamentary committee asked to create welfare fund for migrant workers

    मुंबई: भारत में कोविड-19 (Coronavirus Pandemic) का प्रकोप कम होने के कोई आसार नजर नजर नहीं आ रहे हैं। खासकर महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित कुछ कुछ राज्यों में कोरोना पूरी से बेकाबू नजर आ रहा है। कोरोना संकट के मद्देनजर महाराष्ट्र (Maharashtra) में मिनी लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान सरकार ने किया है। साथ ही नियमों में सख्ती कर दी है। सरकार के इस फैसले के बाद मजदुर पूरी तरह से परेशान है। रिपोर्ट के अनुसार मजदूरों का बड़ी संख्या में पलायन जारी है। भिवंडी (Bhiwandi) जैसे इलाकों से बड़ी तादात में मजदूरों का पलायन जारी है। जिससे कई सारे सवाल जरुर खड़े हो रहे हैं। 

    बता दें कि कोरोना संकट के बीच सूबे में मिनी लॉकडाउन के ऐलान के बाद से ही मजदूरों के मन में कई सवाल हैं। भिवंडी से पलायन मजदूरों का जारी है। पावरलूम मालिकों के मुताबिक पिछले साल लगाए गए लॉकडाउन के सबक लेते हुए मजदुर किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं इसलिए वे अपने राज्य वापस जा रहे हैं। 

    उल्लेखनीय है कि मजदूरों के पलायन करने से पावरलूम इंडस्ट्री सहित उससे जुड़े साइजिंग, डाइंग कंपनियों के अलावा मोती कारखाना एवं गोदामों के कामकाज पर बड़ा असर पड़ने वाला है। ऐसे में जरुरत है कि सरकार इसे रोकने के लिए कदम उठाए और विशेष योजना बनाए।  

    वहीं महाराष्ट्र में कोरोना का कहर लगातार जारी है। मंगलवार को कोविड-19 से संक्रमित 55 हजार से अधिक मामले सामने आए थे। साथ ही 24 घंटे के दौरान 34 हजार से अधिक लोग डिस्चार्ज भी हुए थे। जबकि 297 लोगों की मौत हुई थी। सूबे में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 31 लाख 13 हजार 354 पहुंच गई है। राज्य में मौजूदा समय में कोरोना के 4 लाख 72 हजार 283 सक्रिय केस हैं। कोरोना की चपेट में आने से 56 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है।  अच्छी खबर यह है कि 25 लाख 83 हजार से अधिक लोग कोरोना का इलाज कराकर ठीक हुए हैं।