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    मुंबई. नासिक पुलिस आयुक्त दीपक पांडेय (Nashik Police Commissioner Deepak Pandey) ने नासिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के एक निलंबित मोटर वाहन निरीक्षक की शिकायत पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब (Maharashtra Transport Minister Anil Parab) और छह अधिकारियों के खिलाफ तबादलों और तैनाती में भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने शनिवार को दी। अधिकारी ने कहा कि निलंबित अधिकारी गजेंद्र पाटिल ने अपनी शिकायत में आरटीओ विभाग में तबादलों और तैनाती में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का उल्लेख किया है।

    अधिकारी ने बताया कि नासिक आरटीओ में तैनात पाटिल ने 16 मई को नासिक के पंचवटी पुलिस थाने को एक ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई थी। वह 17 मई को पुलिस थाने भी गया था। पाटिल ने अपनी शिकायत में सीमा जांच चौकियों पर, कुछ निजी ऑपरेटरों के खिलाफ मामलों के निपटारे और बीएस-4 वाहनों के अवैध पंजीकरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि पाटिल ने राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब और आरटीओ के छह वरिष्ठ अधिकारियों के नाम आरटीओ अधिकारियों के तबादलों और तैनाती में कथित भूमिका के लिए लिये हैं।

    अधिकारी ने कहा कि पंचवटी पुलिस ने शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने और दस्तावेज जमा करने के लिए बुलाया था, लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं था। तदनुसार, नासिक के पुलिस आयुक्त दीपक पांडेय ने शिकायत पर पुलिस उपायुक्त (अपराध) से जांच कराने के आदेश जारी किए।” पांडेय ने डीसीपी को अगले पांच दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

    अधिकारी ने पुलिस आयुक्त के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि डीसीपी जोन-एक और डीसीपी जोन-दो आवश्यक मानवबल और अन्य आवश्यकताओं के साथ डीसीपी (अपराध) की सहायता करेंगे। उन्होंने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो जांच टीम जांच पूरी करने में कुछ और दिन ले सकती है। पिछले महीने, विवादास्पद मुंबई पुलिस अधिकारी एवं अब सेवा से बर्खास्त सचिन वाजे ने एस पत्र में आरोप लगाया था कि जनवरी 2021 में अनिल परब ने उन्हें मुंबई निकाय में सूचीबद्ध ‘‘धोखाधड़ी” वाले ठेकेदारों के खिलाफ जांच करने और ऐसे लगभग 50 ठेकेदारों से कम से कम 2 करोड़ रुपये एकत्रित करने के लिए कहा था।

    वाजे ने उक्त पत्र अदालत में प्रस्तुत करने का अनुरोध किया था। शिवसेना नेता परब ने वाजे के दावों को खारिज कर दिया था और कहा था कि वह आरोपों की किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। परब ने कहा था, ‘‘मैं शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे और अपनी दो बेटियों के नाम से शपथ लेता हूं कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एमवीए सरकार की छवि खराब करने का भाजपा का एक षड्यंत्र है। शिवसेना राज्य में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का नेतृत्व कर रही है, जिसमें राकांपा और कांग्रेस दो अन्य घटक दल हैं। राज्य के गृह विभाग का नेतृत्व राकांपा के दिलीप वालसे पाटिल कर रहे हैं। (एजेंसी)