Protest by cutting the cake on petrol prices

     

    शिवसेना ने शुक्रवार को राजग का नाम लिए बिना, केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने शायद पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तेल के दाम कम किए हैं, ताकी ईंधन की बढ़ती कीमतों का खामियाजा भाजपा को ना उठाना पड़े। केन्द्र ने बृहस्पतिवार को पेट्रोल 21 पैसे प्रति लीटर और डीजल 20 पैसे प्रति लीटर सस्ता किया था। इससे पहले, करीब छह महीने बाद बुधवार को उसने पेट्रोल 18 पैसे प्रति लीटर और डीजल 17 पैसे प्रति लीटर सस्ता किया था।

    शिवसेना ने आरोप लगाया, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों के कम होने के कारण देश में तेल के दाम कम हुए है। या शायद केन्द्र ने तेल की कीमत, इसलिए कम की है ताकि भाजपा को असम और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में तेल की बढ़ती कीमतों का खामियाजा ना उठाना पड़े।”  पार्टी ने कहा, ‘‘ तो बात यह है कि, कीमत में कटौती का कारण अंतरराष्ट्रीय दरों में गिरावट है और इस समय देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। यकीनन हमें, आम लोगों को नहीं भूलना चाहिए, इसका हिसाब फिर कभी बराबर किया जाएगा।”

    गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल और असम के अलावा केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। शिवसेना ने इस बात को लेकर भी सवाल उठाया कि तेल के दाम में गिरावट कब तक जारी रहेगी। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत की गिरावट के कारण ईंधन की कीमत कम हुई है। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा, ‘‘ इसका मतलब है कि यह राहत अस्थायी है,  शिवसेना ने केन्द्र पर लोगों और विपक्षी दलों द्वारा मूल्य वृद्धि का विरोध करने के बावजूद पेट्रोल तथा डीजल की कीमत कम करने की “इच्छाशक्ति” नहीं दिखाने का भी आरोप लगाया।