Big decision on vaccination in West Bengal, 12-16 weeks interval between two doses of covishield implemented
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    मुंबई: पढ़ाई के लिए विदेश जाने के इच्छुक कई छात्रों को मुंबई के सरकारी राजावाड़ी अस्पताल में लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस रोधी टीके की खुराक नहीं मिलने से बिना टीका लिए ही लौटना पड़ा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पिछले सप्ताह ऐसे छात्रों के लिए सोमवार से बुधवार तक शहर के कस्तूरबा अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल और कूपर अस्पताल से बिना पंजीकरण के ‘वॉक-इन’ टीकाकरण की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में बीएमसी ने कहा कि दो दिन में इन तीन केंद्रों पर 1,875 खुराक उपलब्ध कराई गई थीं तथा बुधवार को 900 और टीके इन केंद्रों को दिए जाएंगे। 

    उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी ने केंद्र सरकार से दो खुराकों के बीच की समयावधि को कम करने का भी अनुरोध किया है क्योंकि अधिकतर छात्र जुलाई-अगस्त में विदेश जाने वाले हैं। सूत्रों ने बताया कि बीएमसी ने मंगलवार को इस श्रेणी के तहत 500 टीकों की खुराक आवंटित की थी। कस्तूरबा और कूपर अस्पतालों को 200-200 खुराक और राजावाड़ी अस्पताल को 100 खुराक मिली थीं। लेकिन राजावाड़ी अस्पताल में सुबह बड़ी संख्या में छात्र पहुंच गए। 

    छात्र संदेश अवहद ने बीएमसी और महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे को टैग कर ट्वीट किया, ‘‘हम लोग राजावाड़ी, घाटकोपर में टीकाकरण के लिए कतार में लगे हैं। टीकों की 100 खुराक आवंटित की गयी हैं और कतार में 400 से अधिक लोग हैं। कृपया यह सुनिश्चित करें कि हम सभी को टीका मिले।” अन्य छात्र राहुल ने कहा कि वह सुबह सात बजे से कतार में लगा है जबकि अन्य लोग उससे पहले से ही कतार में लगे हैं। 

    बीएमसी के अधिकारियों के अनुसार तीनों केंद्रों पर पहले दिन वॉक-इन-टीकाकरण के तहत करीब 1,000 खुराक दी गयीं, कस्तूरबा अस्पताल में 338, कूपर अस्पताल में 324 और राजावाड़ी अस्पताल में 325 खुराक दी गयीं। (एजेंसी)