नितिन राऊत का पवार को करारा जवाब, कहा- ‘याद कीजिये कांग्रेस नेतृत्व में हुए 1965 और 1971 के संघर्ष को’

मुंबई. देश में चीन की घुसपैठ से सरकार और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू है। भारत-चीन सैनिकों की हिंसक झड़प के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी। उन्होंने चीन पर घुसपैठ करने का आरोप किया था। जिसके बाद राष्ट्रवादी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है। जिसपर ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने शरद पवार को करारा जवाब दिया है। राऊत ने कहा, राहुल गांधी हमारी पार्टी के नेता है, देश के स्वतंत्रता संग्राम में कई कांग्रेस कार्यकताओं और नेताओं ने बलिदान दिया है। राहुल गांधी ने चीन के बारे में प्रधानमंत्री को कुछ बुनियादी सवाल पूछे। इसे राजनीति कैसे कहा जा सकता है।   

ऊर्जा मंत्री ने कहा, बेहतर होता कि शरद पवार ने इन घटनाओं का उल्लेख किया होता, जब कांग्रेस के नेतृत्व में 1965 में भारत ने पाकिस्तान को हराया था। साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में पाकिस्तान को कुचलने में सफलता मिली थी। पवार को यह भूलना नहीं चाहिए कि कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्ष पार्टी है और कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सवाल उठाने का अधिकार है। 

आगे उन्होंने कहा, शरद पवार खुद कांग्रेस की सरकार में देश के रक्षा मंत्री रहे है। उस समय उन्होंने कुछ ग़लतियाँ ठीक की होती तो अच्छा होता। पवार कांग्रेस में ही तैयार हुआ नेतृत्व है। उनके मन में कांग्रेस के लिए स्नेह है। यदि पवार ने राहुल गांधी और शरद पवार से चर्चा की होती तो, उनके वक्तव्य का अर्थ उन्हें समाज आता।  

शरद पवार ने क्या कहा था?
राहुल गांधी की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा था कि, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है। 1962 में जो हुआ उसे कही नहीं भूलेंगें, इस युद्ध में चीन ने भारत का 45 हजार वर्ग किमी के क्षेत्र पर कब्ज़ा किया था। इसलिए कोई आरोप करने से पहले भूतकाल में हमने क्या किया है, इसे भूलना नहीं चाहिए।