डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का ऑनलाइन अभिवादन

  • सरकार एवं मनपा की अपील का असर
  • चैत्यभूमि पर नहीं आए अनुयायी
  • राज्यपाल, मुख्यमंत्री, महापौर सहित अन्य ने दी प्रत्यक्ष श्रद्धांजलि

मुंबई. वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के  64वें महापरिनिर्वाण दिन पर ऑनलाइन अभिवादन किया गया। सरकार एवं मुंबई महानगरपालिका की अपील को मानते हुए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी इस साल चैत्यभूमि पर नहीं आए। चैत्यभूमि पर सरकार की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, महापौर किशोरी पेडणेकर सहित अन्य ने डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।

राज्‍यपाल भगतसिंह कोश्‍यारी ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन एवं उनके कार्य से प्रेरणा लेकर सामाजिक जनजागृति पहले भी हुई है और आज भी उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज जागृति की प्रक्रिया शुरू है। 

मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्रांति करना बहुत कठिन कार्य होता है, उस क्रांति को दिशा देना और अनुशासित रखना उससे भी कठिन कार्य होता है, जिसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अंजाम तक पहुंचाया। उसके बावजूद वे अपने विचारों पर अडिग रहे। उन्होंने एक मौलिक विचार हम सभी को दिया। 

इस अवसर पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्‍यक्ष नाना पटोले, राज्य के उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री अजित पवार, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले, ऊर्जा मंत्री नितिन राउत, प्राथमिक शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़, सामाजिक न्यायमंत्री  धनंजय मुंडे, वस्त्रोद्योग मंत्री तथा मुंबई शहर जिला पालकमंत्री अस्लम शेख, पर्यटन, पर्यावरण व राज शिष्टाचार मंत्री आदित्य ठाकरे, मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर, उपमहापौर एड. सुहास वाडकर, पूर्व सांसद डॉ. भालचंद्र मुणगेकर सहित  मनपा सभागृह नेता विशाखा राउत, महानगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल, उप आयुक्त विजय बालमवार, सहायक आयुक्त किरण दिघावकर उपस्थित थे।

कोरोना के संक्रमण को रोकने को लेकर इस साल राज्य सरकार एवं मनपा ने देशभर के अनुयायियों से चैत्यभूमि पर नहीं आने एवं ऑनलाइन प्रसारण के जरिए अभिवादन  करने की अपील की थी। जिसका असर देखने को मिला। हर साल महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके अनुयायियों की चैत्यभूमि एवं शिवाजी पार्क पर भारी भीड़ उमड़ती थी। चैत्यभूमि पर आयोजित कार्यक्रम का दूरदर्शन के सह्याद्री चैनल से सीधा प्रसारण किया गया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय दूरदर्शन  यूट्यूब चैनल,  मुंबई मनपा के यूट्यूब, फेसबुक, ट्विटर  एकाउंट से चैत्यभूमि के साथ ही राजगृह में होने वाले कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिससे लोगों ने घर बैठे ही बाबासाहेब का अभिवादन किया।