Pit persists, yet 1.14 crore fine waived, Gutneta Pawar demands investigation

  • नागरिकों की समस्याओं पर नगरसेवकों की अनदेखी

नागपुर. मानसुन के साथ ही सिटी और आस पास के परिसर में गड्ढों की समस्या बढ गई है. प्रभाग क्रमांक 1 स्थित नारा रोड़ की सड़कें नागरिकों के लिए जान लेवा साबित हो रही है. जरीपटका स्थित एचपी गैस गोदाम के पास से शुरु होने वाली सड़क नागरिकों के पैदल चलने लायक भी नहीं बची है. सड़क पर एक दो नहीं बल्की सैकड़ों गड्ढें हो चुके है. प्रशासन की लापरवाही से हर दिन नागरिकों को अपनी जान जोखीम में डाल यातायात करना पड रहा है. स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही नगर सेवक.

आए दिन हो रहे हादसे
कई महिनों से सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है. भारा वाहनों की आवाजाही से सड़कों पर गहरे 1 से डेढ फुट के गड्ढें हो गए है. बारीश का पानी जमा हो जाने से कई वाहन चालक गड्ढों में गिर कर हादसों का शिकार हो रहे है. नागरिक हर दिन की इस परेशानी से त्रस्त हो चुके है. कई बार स्थानीय नगर सेवक को शिकायत करने के बाद भी वे नागरिकों की समस्या को अनदेखा कर रहे है.

आए दिन इस मार्ग पर जानलेवा हादसे होते रहते है. इतना ही नहीं गड्ढों में पानी जमा होने से इस मार्ग पर ट्राफिक जाम लग जाता है. थोड़ी सी बारीश में सड़कों पर जल जमाव हो जाने से कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड रहा है. यदि समय रहते गड्ढों की मरम्मत की जाती तो नागरिकों बारिश में यातायात में कोई परेशानी नहीं होती. 

नहीं तो करेंगे आंदोलन
सामाजिक कार्यकर्ता रोहित यादव ने कहा कि गड्ढों के कारण सड़क तालाब और सड़क किनारे दलदल बने गए है. पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से किनारों की मिट्टी सड़क पर आ गई है. कई वाहन चलाक फिसलकर हादसे का शिकार हो रहे है. नगरसेवक को बार बार शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में गुस्सा बढता जा रहा है.

प्रशासन और नगरसेवक की लापरवाही के प्रति स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त किया है. इसके  अलावा कई जगह से गटर की लाइन लिकेज होने से आस पास के कुछ परिसरों में दुषित जलापूर्ती हो रही है. यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो नागरिकों द्वारा नगरसेवक का घेराव कर तीव्र आंदोलन किया जाएगा. 

लेकिन कोई हल नहीं निकला। उस रोड से रोज नगरसेवकों का आना जाना है। आए दिन यहाँ कई हादसे होते रहते है।  यदि जल्द इस रोड को बनाया  नहीं गया तो  नगरसेवकों  का घेराव किया जाएगा – रोहित रामविलास यादव ( सामाजिक कार्यकर्ता ).