Prakash Ambedkar

अकोला. वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने एक वरिष्ठ नेता पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “राज्य में बिजली बील में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है, ऐसी एक फाइल एमएसईडीसीएल ने राज्य सरकार को दी थी। लेकिन एक वरिष्ठ नेता ने यह फाइल छुपाकर रखी है।” 

आंबेडकर शुक्रवार को अकोला में आयोजित एक पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने बिजली बिल में रियायत देने से इनकार करने के बाद राज्य में राजनीति गरमाई हुई है। इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा राजनीति भी की जा रही है। इस बीच आज प्रकाश आंबेडकर ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

आंबेडकर ने कहा कि, यह बात राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत को पता नहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, राज्य मुख्यमंत्री चला रहे है या एक नेता? मुख्यमंत्री ने बताना चाहिए कि, एमएसईडीसीएल द्वारा प्राप्त टिप्पणी का स्वीकार क्यों नहीं किया गया?

उन्होंने लोगों को अपील की कि, अगर बिजली बिल माफ़ नहीं होता है, तो उसका भुगतान न करे। जिनकी बिजली खंडित होगी उसे वंचित बहुजन अघाड़ी द्वारा पूर्ववत करके दी जाएगी।

गौरतलब है कि, कोरोना काल के दौरान बिजली बिल बढ़कर आये थे इसलिए इसमें रियायत देने की मांग चल रही है। जिसके बाद लगभग 20 दिन पहले एमएसईडीसीएलद्वारा राज्य सरकार को एक टिप्पणी भेजी गई। टिप्पणी में यह उल्लेख किया गया था कि, राज्य में लोगों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत तक छूट दी जा सकती है।