Maharashtra ranks third in foreign investment

  • बीड में 35 करोड़ का घोटाला
  • अब तक 32 अधिकारी निलंबित
  • 138 ठेकेदारों पर केस दर्ज
  • जलयुक्त शिवार योजना में कार्रवाई

मुंबई. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Former Chief Minister Devendra Fadnavis) की महत्वाकांक्षी जलयुक्त शिवार योजना (Jalyukt Shivar Scheme) में कथित घोटाले को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। बीड जिले में 35 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। इस संबंध में अब तक 32 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और 138 ठेकेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए हैं।

4 दिसंबर को 2 अधिकारियों को निलंबित किया गया था। महाराष्ट्र में सूखे की समस्या से निपटने के लिए पूर्व सीएम फडणवीस ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में जलयुक्त शिवार योजना की शुरुआत की थी, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) की सरकार ने इस योजना में कथित घोटाले की बात कर इसे बंद कर दिया है।   

एसआईटी का गठन

ठाकरे सरकार ने हाल ही में जलयुक्त शिवार योजना (Jalyukt Shivar Scheme) में हुए कथित घोटाले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) का गठन किया है।  पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। एसआईटी को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है। 

सीएजी की रिपोर्ट में सवाल

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने भी अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में शुरू की गई जलयुक्त शिवार पर सवाल खड़े किए थे। इस  रिपोर्ट में कहा गया था कि योजना का जल की गुणवत्ता और भूजल स्तर को बढ़ाने में बेहद कम प्रभाव पड़ा है और इस योजना को लागू करने में पारदर्शिता का अभाव भी पाया गया है। साल 2014-2019  के दौरान शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 9633.75 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।