वरिष्ठ लिपीक ने न्यायालय में की खुदखुशी, तीन दिन बाद उजागर हुआ मामला

  • तीन दिन बाद उजागर हुआ मामला

वर्धा. जिला न्यायालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपीक ने न्यायालय के ही ईमारत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली़. यह गंभीर मामला सोमवार, 16 मार्च की सुबह 9 बजे प्रकाश में आते ही सर्वत्र खलबली मच गई़. इस घटना के बाद नीचले कर्मचारी संगठनो ने कामबंद आंदोलन कर जांच की मांग की़. मृतक का नाम अमरावती निवासी उमेश देवराव खोकले (45) बताया गया़.

जानकारी के अनुसार मृतक उमेश खोकले का दो माह पूर्व जिला न्यायालय के अधिनस्त आनेवाले सेवाग्राम ग्राम न्यायालय में तबादला हुआ था़. जहां बतौर वरिष्ठ लीपीक वें कार्यरत थे़ सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से वें काम के तनाव से काफी परेशान थे़ शुक्रवार को हमेशा की तरह खोकले अपने ड्यूटी पर पहुंचे़ किन्तु दोपहर के बाद उनका किसी के साथ विवाद हुआ़. इसके पश्चात वें निराश होकर वहां से निकल गए़. दो दिनों तक उनका कही पर पता नहीं चला़ शनिवार व रविवार न्यायालय को अवकाश होने से सोमवार की सुबह 9 बजे कुछ कर्मचारी न्यायालय में पहुंचे़ न्यायालय की नई इमारत के नीचले हिस्से में दुर्गंध फैली थी़ भितर जाकर देखने पर शौचालय की खीडकी से खोकले का शव लटका दिखाई दिया़.

जानकारी के अनुसार मृतक उमेश खोकले का दो माह पूर्व जिला न्यायालय के अधिनस्त आनेवाले सेवाग्राम ग्राम न्यायालय में तबादला हुआ था़. जहां बतौर वरिष्ठ लीपीक वें कार्यरत थे़ सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से वें काम के तनाव से काफी परेशान थे़ शुक्रवार को हमेशा की तरह खोकले अपने ड्यूटी पर पहुंचे़ किन्तु दोपहर के बाद उनका किसी के साथ विवाद हुआ़.

यह बात प्रकाश में आते ही सर्वत्र खलबली मच गई़ सूचना मिलते ही शहर पुलिस घटनास्थल पहुंची़ घटना पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में भेज दिया गया़. किन्तु घटना के बाद स्टेनो, वर्ग 3, वर्ग 4 व बेलिफ कर्मचारी संगठन ने इसका निषेध जताया़ काम के दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया़ प्रकरण की जांच की जाएं, ऐसी मांग प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश के नाम भेजे निवेदन में की है़ अन्य तहसीलों के न्यायालयीन कर्मियों ने भी घटना का निषेध जताया़. शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी़.