शीतल की मौत की गुत्थी बरकरार, रूम में मिली यह चीजें

  • रात में हुआ अंतिम संस्कार
  • 1 लैपटॉप, 3 मोबाईल, दवाईयां जब्त

वरोरा. यहां आनंदवन में हुई समाजसेवी बाबा आमटे की पोती डा. शीतल आमटे करजगी की मौत की गुत्थी आज दूसरे दिन भी देर शाम तक सुलझ नहीं पायी थी. प्राथमिकी में पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज किया है. देर रात उनका आनंदवन में ही अंतिम संस्कार हुआ. 

देर रात डा. शीतल आमटे करजगी का पार्थिव पोस्टमार्टम उपरांत चंद्रपुर से आनंदवन में लाया गया. रात पौने 10 बजे स्व. बाबा आमटे और स्व. साधना आमटे के समाधि के पास ही उन्हें दफनाया गया. पार्थिव लाने के मात्र आधे घंटे में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई. इस दौरान आमटे परिवार और करजगी परिवार एवं आनंदवन के लोग वहां मौजूद थे. आमटे और करजगी परिवार के लोग अलग अलग खड़े थे. किसी ने किसी को कोई सात्वंना नहीं दी.

इस बीच जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे ने जांच पड़ताल की जिम्मेदारी विभागीय पुलिस अधिकारी डा. नीलेश पांडे को सौप दी है. उन्होने बताया कि घटना स्थल की पूरी तरह से फोरेन्सिक जांच की गई है, डा. शीतल का एक लैपटॉप, 3  मोबाईल समेत वें जो दवाईयां ले रही थी वह सभी दवाईयां, एक खाली इंजेक्शन तथा उल्टी से सना एक कपड़ा भी जब्त किया गया. साथ ही पिछले चार दिन का सीसीटीवी फूटेज भी लिया गया है. उन्होने बताया कि डा. शीतल का नागपुर के निजी चिकित्सक केपास उपचार शुरू था.

डा.पांडे ने यह भी बताया कि आमटे और करजगी परिवार के सदस्यों से पुलिस को पूरा सहयोग मिल रहा है. वे घटना के पूर्व जिन जिन लोगों से मिली थी उन सभी के बयान लिये गए है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बुधवार के दोपहर तक मिलने की संभावना है.

इस बीच पूर्व केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीर ने आनंदवन पहुंचकर आमटे एवं करजगी परिवार से भेट की और उन्हें सात्वंना दी. वरोरा शहर में इस घटना को लेकर लोगों में किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं है. जबकि आनंदवन में घटना के बाद से लोगों में खामोशी छायी हुई है.