Shortage of Vaccine

    मुंबई. जिस बात का डर था आखिरकार वही हुआ, मुंबई (Mumbai) में वैक्सीन (Vaccine) की कमी (Shortage) पड़ गया है। गुरुवार को मुंबई के 26 निजी और सरकारी टीकाकरण केंद्रों (Private and Government Vaccination Centers) पर वैक्सीन न होने के कारण लाभार्थियों को बिना वैक्सीन लिए ही घर लौटना पड़ा। मनपा स्वास्थ्य विभाग की माने तो उनके पास केवल एक दिन का स्टॉक (Stock) बचा है वो भी मनपा के टीकाकरण केंद्रों पर दिया जाएगा।

    वैक्सीन की कमी को लेकर आए दिन राज्य सरकार केंद्र से गुहार लगा रही है, लेकिन जितने डोज़ महाराष्ट्र और मुंबई को मिलना चाहिए उतना नहीं मिल रहा है। गुरुवार को कई बुजुर्गों और वयस्कों को बिना टीका लिए ही वापस लौटना पड़ा। कई लाभार्थी पहला तो कई वैक्सीन का दूसरा डोज़ लेने के लिए आए थे, लेकिन टीकाकरण केंद्रों के बाहर वैक्सीन समाप्त होने के कारण ‘नो वैक्सीनशन’ का बोर्ड लगा देखने के बाद लाभार्थियों को निराश हो कर लौटना पड़ा। 

    हमें केंद्र सरकार से फिलहाल वैक्सीन नहीं मिली

    अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण 26 अस्पतालों में टीकाकरण कार्य को न चाहते हुए भी रोकना पड़ा। लोगों को हुई असुविधा के लिए खेद है, लेकिन हमें केंद्र सरकार से फिलहाल वैक्सीन नहीं मिली है। गुरुवार रात या शुक्रवार की सुबह तक हमें कुछ वैक्सीन मिलने वाले है। मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके पास केवल एक दिन से दो दिन का स्टॉक बचा है। ऐसे में इन बचे हुए स्टॉक को मनपा के टीकाकरण केंद्रों को दिया जाएगा। जबतक बड़ी मात्रा में या फिर पर्याप्त मात्र में वैक्सीन नहीं मिलता तब तक निजी अस्पतालों में टीकाकरण का कार्य नहीं होगा।

    इन अस्पतालों में नहीं हुआ टीकाकरण

    माहिम, धारवी, होली फैमिली, कोकिलाबेन, फोर्टिस मुलुंड, सर्वोदय सहित अन्य अस्पतालों में टीकाकरण का कार्य ठप्प रहा। बीकेसी जंबो कोविड केअर सेंटर में भी वैक्सीन समाप्त हो गई थी, जिसके बाद सुबह 9.30 बजे वैक्सीन भेजी गई और तब जाके टीकाकरण का कार्य शुरू हुआ। फिलहाल वहां भी स्टॉक समाप्त होने के कगार पर है। 

    पर्याप्त वैक्सीन नहीं भेजी जा रही : महापौर किशोरी पेडणेकर

    महापौर किशोरी पेडणेकर ने लोगों को हुई इस असुविधा के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की कमी को लेकर बार-बार उन्हें अवगत कराया गया है, इसके बावजूद पर्याप्त वैक्सीन नहीं भेजी जा रही है।