Started in Shiv Sena and BJP over Bollywood transfer uddhav thakre, mumbai, yogi UP

मुंबई. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में फिल्म सिटी बनाए जाने का ऐलान किया था. जिसके बाद अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे को बॉलीवुड शिफ्ट होने का डर सता रहा हैं. उद्धव ठाकरे ने साफ तौर पर चेताते हुए कहा है कि जिस तरह से मुंबई से बॉलीवुड को शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही हैं, हम इसे क़तई बर्दाश्त नहीं करेंगें. महाविकास आघाडी भी उद्धव ठाकरे के स्वर में स्वर मिला रही हैं. महाराष्ट्र में बॉलीवुड को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने सामने हैं. एक तरफ जहां बीजेपी हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव सरकार को घेरने की कोशिश कर रही हैं, वही दूसरी तरफ महाविकास आघाडी सरकार भाजपा पर बॉलीवुड को बदनाम करने का आरोप लगा रही हैं. 

खबरों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे द्वारा जारी किए गए स्टेटमेंट में कहा गया कि “मुंबई महाराष्ट्र की आर्थिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर जाना जाता हैं. हॉलीवुड को टक्कर देने वाली फिल्म बॉलीवुड में बन रही हैं. बॉलीवुड सिनेमा को चाहने वाले पूरे विश्व भर में हैं. सिनेमा जगत के बड़ा मनोरंजन उद्योग होने के कारण लोगों को रोजगार मिलता हैं. सिनेमा के कारण हमारे ही कलाकार लोकप्रिय होते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से कुछ चिन्हित लोगो के जरिए बॉलीवुड की बदनामी की जा रही हैं. ये बात बहुत दुःख है. बॉलीवुड को ख़त्म करने या दूसरी जगह ले जाने की जो कोशिश हो रही है ये कभी सहन नहीं की जाएगी.”

उद्धव ठाकरे ही नहीं उनके नेता भी इस बात से ख़फा हैं और भाजपा पर जमकर निशाना साध रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि बॉलीवुड को बदनाम किया गया तो शिवसेना सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी. शिवसेना नेता और प्रवक्ता प्रताप सरनाईक ने इस मुद्दे पर क्या कहा चलिए सुनते हैं:

वही महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने शिवसेना के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, जो बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश करेगा उससे कड़ाई से निपटेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में आम जनता सुरक्षित नही है. जो लोग बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश में ले जाने का सपना देख रहे है, उसमे कोई तथ्य नही है. सुनिए मलिक का बयान:

वही भाजपा ने अपने बचाव में कहा कि मुख्यमंत्री जब तक अपने निवास से बाहर नहीं निकलते है तब तक जमीनी हकीकत उन्हें समझ नही आएगी. उन्होंने बीएस देवेंद्र सरकार के अच्छे फैसलों को बदलने का काम किया हैं. फिल्मसिटी 521 एकड़ में फैली है, उसे 2550 करोड़ में डिवेलप करने का निर्णय पुरानी सरकार ने लिया था. लेकिन इस सरकार ने 1 साल में उसे लेकर कोई फैसला नहीं किया. सांस्क्रतिक मंत्री ने अब तक फिल्मसिटी का दौरा तक नही किया. सुविधाओं का अभाव रहा तो दक्षिण के लोग हो या योगी आदित्यनाथ, फ़िल्म इंडस्ट्री को आगे ले जाने में सफल होंगे.

अब इस विवाद को लेकर राज ठाकरे की पार्टी मनसे भी मैदान में हैं. मनसे ने भी चेताया है कि मुंबई से फ़िल्म सिटी को जानबूझकर हटाने का प्लान किया जा रहा है. साथ ही बॉलीवुड को बदनाम किया जा रहा है. मनसे इसे सहन नही करेगी और जरूरत पड़ने पर इसका जवाब देगी.

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के अलग होने के बाद दोनों पार्टियां एक दूसरे के पीछे चूहे बिल्ली की तरह पड़ी रहती हैं. जहां भाजपा आए दिन शिवसेना की मुश्किलें बढ़ा रही है वही दूसरी ओर  शिवसेना ने भी ताल ठोककर कह दिया वह किसी भी मुद्दे पर भाजपा को खुलकर जवाब देगी और जरूरत पड़ी तो अपनी आक्रमकता भी दिखाएगी.