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    मुंबई. लगता है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर के बाहर मिली संदिग्ध कार के कथित मालिक मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की मौत की गुत्थी अब सचिन वाजे (Sachin Vaje) की गिरफ्तारी के बाद भी अब और उलझती जा रही है। दरअसल मुंब्रा के रेती बंदर नामक जगह पर एक शव (Dead Body) बरामद हुआ है। इस गौर करने लायक बात यह है कि यह वही जगह है, जहां से कुछ दिनों पहले ही मनसुख हिरेन की लाश मिली थी। बता दें कि बीते 5 मार्च को स्कॉर्पियो के कथित मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था। जबकि कुछ दिन पहले ही खुद मनसुख ने इस गाड़ी के गुम होने बाबत एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

    हिरेन की मौत के बाद एक और लाश उसी जगह, संयोग या कुछ और:

    दरअसल समाचार एजेंसी ANI की मानें तो मुंब्रा के रेती बंदर इलाके में जो आज शव मिला है, उसकी पहचान 48 वर्षीय सलीम अब्दुल के तौर पर की गयी है जो उसी इलाके का ही रहने वाला है। इधर शव, पुलिस को सौंप दिया गया है। लेकिन सलीम अब्दुल के शव मिलने की घटना का मनसुख हिरेन की मौत या अंबानी केस से कोई लेना-देना है या नहीं, फ़िलहाल इस पर अब तक  कोई जानकारी सामने नहीं आयी है। 

    गौरतलब है कि मनसुख हिरेन की मौत मामले में महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने सचिन वाझे समेत 25 लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये हैं। वहीं स्कार्पियो के कथित मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत पर अब भी काफी सवाल उठ रहे हैं। अब इन सवालों के बीच में सचिन वाझे भी हैं, जिन्हें बीते दिनों मुंबई क्राइम ब्रांच से पहले हटा दिया गया था और बाद में फिर से निलंबित भी कर दिया गया। इसके साथ ही उन पर हिरेन की पत्नी ने उनके पति की मौत में संलिप्त होने का संगीन आरोप भी लगाया है। वाजे फिलहाल NIA की गिरफ्त में हैं।

    क्या कहती है डायटम रिपोर्ट:

    अगर ATS सूत्रों की मानें तो व्यापारी मनसुख हिरेन की डायटम जांच (डूबकर मौत से संबद्ध मेडिकल जांच) रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि जब वह पानी में गिरे थे तब वह जिंदा थे। वैसे फिलहाल यह रिपोर्ट कोई निर्णायक नहीं है। बता दें कि डायटम जांच डूबकर होने वाली मौत की जांच एवं उसकी पुष्टि में एक अहम माध्यम होती है।

    इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि डायटम जाचं रिपोर्ट बताती है कि, “जब वह (हिरेन) पानी में गिरे थे तब वह जिंदा थे। उनके फेफड़े में पानी घुस जाने का पता चला है। हमने इस डायटम बोन नमूने को हरियाणा स्थित अपराध विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा है।” उन्होंने कहा कि, “जांचकर्ताओं को डायटम जांच रिपोर्ट मिल गई है लेकिन यह निर्णायक नहीं है।” अधिकारी ने यह भी कहा कि विसरा, रक्त नमूने, नाखून क्लिपिंग की रिपोर्ट का भी फिलहाल इंतजार है। 

    ATS के DIG शिवदीप ने भी डायटम बोन नमूने हरियाणा स्थित प्रयोगशाला में भेजे जाने की पुष्टि की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ATS उन 3 डॉक्टरों का बयान दर्ज करेगी जिन्होंने कालवा में छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में हिरेन का पोस्टमार्टम भी किया था। वहीँ इस बात की भी जाँच होगी कि पोस्टमार्टम के समय सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे अस्पताल में क्यों मौजूद थे।उनकी भूमिका पर फिलहाल NIA भी हर कोण से जांच कर रहा है।