Sachin Vaze
File Photo

    मुंबई. जहाँ एक तरफ महाराष्ट्र (Maharashtra) कोरोना संक्रमण (Corona) के बढ़ रहे मामलों से सकते में हैं। वहीं दूसरी तरफ मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर एंटीलिया (Antilia) के बाहर मिली जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो वाले मामले में नयी खबरें आ रही हैं। गौरतलब है कि मुंबई क्राइम ब्रांच के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Vaze) की गिरफ्तारी के बाद से हर दिन इस मामले में अब नए नए खुलासे हो रहे हैं। 

    इसी क्रम में अब मुकेश अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो पार्क करने वाले और PPE किट पहने शख्स की तस्वीर पर अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने  नया खुलासा यह किया है कि वह शख्स और कोई नहीं निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ही था। इतना ही नहीं वाजे ने अपनी पहचान छिपाने के लिए PPE किट नहीं बल्कि एक बड़े साइज का कुर्ता पजामा पहन रखा था।

    ओवर साइज़ कुर्ता पजामा पहना हुआ था वाजे: 

    दरअसल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार यानी आज एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि CCTV फुटेज में PPE किट पहने नजर आ रहा शख्स दरअसल सचिन वाजे ही था। बताया जा रहा है कि वाजे ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक ढीलाढाला सा ओवर साइज़ कुर्ता पायजामा पहना हुआ था और सिर पर एक रुमाल बांधा था, जो दूर से PPE किट पहनने जैसा नजर आ रहा था।

    इतना ही नहीं NIA ने यह भी बताया कि एजेंसी ने मंगलवार को वाजे के कार्यालय से उसका एक लैपटॉप जब्त किया था। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इसमें से सारा डाटा साफ़ यानी डिलीट कर दिया गया है। वहीं सचिन वाजे से उनका मोबाइल मांग गया था, इस पर वाजे ने कहा कि उनका मोबाइल फिलहाल कहीं खो गया है। जबकि जांच में यह बात सामने आई कि वाजे ने खुद मोबाइल जानबूझकर फेंका था।  

    वाजे का कोई करीब ही चला रहा था इनोवा:

     बता दें कि NIA से जुडें कुछ सूत्रों के मुताबिक वह और कोई नहीं बल्कि सचिन वाजे ही था, जो इनोवा को चला कर के स्कॉर्पियो के पीछे-पीछे उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास तक ले गया था। इस पर इनोवा के सरकारी ड्राइवर ने NIA को बताया कि बीते 24 फरवरी को उसकी ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने इनोवा को पुलिस हेडऑफिस के अंदर खड़ा किया और अपने घर चला गया था। पर यह यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि वहां से फिर कार को लेकर एंटीलिया कौन गया था। वहीं पुलिस हेडऑफिस के रजिस्टरों पर वाहन की आवाजाही की कोई भी एंट्री नहीं की गई थी। लेकिन आधिकारिक नियमों के अनुसार, सरकारी वाहन के आने और जाने को एक अलग रजिस्टर में लॉग इन रखना जरुरी होता है। अब इस मुद्दे पर NIA को शक है कि स्कॉर्पियो को वाजे का कोई करीबी कॉन्स्टेबल ही चला रहा था।

    क्या है पूरा मामला:

    दरअसल 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी एक स्कॉर्पियो मिली थी। स्कॉर्पियो में 20 जिलेटिन की छड़े और एक धमकी भरा पत्र मिला था। जांच में पता चल की यह कार मनसुख हिरेन नामक व्यवसायी की है। लेकिन दूसरे ही दिन उनकी लाश ठाणे के क्रीक स्थित एक नाले में मिली। पुलिस को उनके मुँह में ठुसे पांच रुमाल भी मिले थे। वहीं मुंबई पुलिस ने बताया था कि, मिली कार चोरी की है। 18-19 फ़रवरी को एरोली-मुलुंद ब्रिज से चोरी हुई थी। यही नहीं हिरेन की पत्नी ने दावा किया था कि उनके पति ने नवंबर में वाजे को अपनी कार दी थी।

    गौरतलब है कि उस समय मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र ATS ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही सचिन वाजे का बयान दर्ज किया था। यह भी बता दें कि वाजे को 2004 में ख्वाजा यूनुस की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में निलंबित भी किया गया था। लेकिन फिर साल 2020 में उनकी सेवाएं पुनः बहाल की गई और वह मुंबई अपराध शाखा की CIU इकाई का नेतृत्व कर रहे थे।