चंद्रपुर में एक परिवार के 6 लोगों की संदिग्ध मौत; 4 की घर में मिली लाशें, दो ने अस्पतालों में तोड़ा दम

    • एक की हालत नाजुक
    • विवाह की खुशियां मातस में बदली

    दुर्गापुर: चंद्रपुर मुख्यालय से 5 किमी दूरी पर स्थित दुर्गापुर ग्रामपंचायत अंतर्गत वार्ड क्र. 3 के झोपड़पट्टी क्षेत्र में एक ही परिवार के छह लोगों की संदिग्ध मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. इस घटना में एक महिला की हालत नाजुक है. मृतकों में नवविवाहित जोड़े के अलावा 6, 10, 14 वर्षीय बच्चों का भी समावेश है. इस हदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी. घटना आज मंगलवार की सुबह उजागर हुई. जिस परिवार में यह हादसा हुआ था वहां पुत्र का 28 जून को विवाह हुआ था.नवविवाहित बहू चार दिन पूर्व मायके से वापस लौटी थी.

    मृतकों में  घर के मुखिया रमेश मारोती लश्कर 45, पुत्र अजय रमेश लश्कर 21, पुत्रवधू माधुरी अजय लश्कर 20,  पुत्री पूजा रमेश लश्कर 14, पुत्र लखन रमेश लश्कर 10, पुत्र कृष्णा रमेश लश्कर 6  का समावेश है. जबकि रमेश की पत्नी दासू रमेश लश्कर की हालत नाजुक बतायी गई है. 

    इस रोंगटे खड़े कर देनेवाली घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे समेत सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे. घटना की जानकारी मिलने से लोगों का हुजूम घटना स्थल के आसपास जमा हुआ था. लाशों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए रवाना किर दिया. पुलिस की फॉरेन्सिक जांच टीम सम्पूर्ण क्षेत्र की जांच में जुट गई.

    जिला सामान्य अस्पताल के सूत्रों के अनुसार सभी मृतकों ने शौच भी की थी. इसलिए यह भी संदेह जताया जा रहा है कि रात में उनके खाने में कुछ ऐसा मिला था जिससे उनकी हालत खराब होकर वे बेहोश हो गए और जनरेटर और एसी बंद होने से यह गैस रिसाव होने से यह हादसा हुआ.

    सोते समय गई सभी की जान  

    घटना इस तरह बतायी जा रही है कि रमेश लश्कर के परिवार ने रात में भोजन किया. रात में अचानक लाईट गुल होने से उन्होने जनरेटर शुरू कर दिया और जिसके सहारे एसी शुरू कर सम्पूर्ण परिवार गहरी नींद में सो गया. परिवार के सदस्य हमेशा सुबह 5 बजे ही उठ जाया करते थे परंतु सुबह आठ बजे तक किसी को ना देख उनके करीबी रिश्तेदार पड़ोसियों को संदेह हुआ उन्होने बंद मकान की खिडकी को तोडकर अंदर झांका तो उन्हें सभी मरणासन्न स्थिति में दिखाई दिए.

    पड़ोसियों ने दरवाजा तोडकर अंदर प्रवेश किया और सभी को आटो मे डालकर निजी अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सक ने आटो में ही उनका चेकअप कर छह की मौत होने की सूचना दी जबकि दासू रमेश की हालत नाजुक देख उसे जिला सामान्य अस्पताल भरती करने को कहा. 

    एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र में मातम की स्थिति निर्माण कर दी. घटना की जानकारी मिलने पर आसपास पड़ोस समेत दूर से लोगों का हुजूम घटनास्थल पर पहुंचा था. करीबी रिश्तेदारों का आगमन शुरू हो गया था. 

    15 दिन पहले हुई थी बेटे की शादी 

    बताया जाता है कि छोटे मोटे ठेके लेनेवाले रमेश लश्कर ने यहां झोपड़पट्टी में मकान बनाया था. जिस समय उसने मकान बनाया था उस समय वहां बिजली की सुविधा नहीं थी. इसलिए उसने बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर लेकर रखा हुआ था. बाद में बिजली सुविधा बहाल होने के बाद जनरेटर स्टोर रूप में पड़ा हुआ था. रमेश के पुत्र अजय का 28 जून को नागपुर की रहनेवाली माधुरी के साथ विवाह हुआ था. बहू आने के कारण घर में पहले से ही एसी की व्यवस्था की गई थी. शादी के उपरांत पग फेरे के लिए माधुरी मायके गई थी और चार दिन पूर्व घर ससुराल लौटी थी. नई बहू के आने से पूरा घर खुशियों में डूबा हुआ था.

    सोमवार की रात 8.30 बजे अचानक परिसर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई. काफी समय तक बिजली ना आने के कारण रात 11 बजे परिवार के सदस्य ने बाहर जाकर डीजल खरीदी लाया और घर के भीतर ही जनरेटर शुरू कर एसी शुरू किया गया और रात में भोजन करने के बाद सभी गहरी नींद में सोये थे.इस बीच रात में जनरेटर बंद होने से एसी भी बंद हो गया. 

    भोजन में कुछ जहरीला पदार्थ मिलने की आशंका 

    चिकित्सकों के अनुसार मृतकों ने मौत के पूर्व शौच भी की थी. इसलिए संदेह है कि रात में लाईट गुल होने से उनके भोजन में कुछ जहरीला पदार्थ मिल गया जिससे उनकी नींद में हालत बिगड गई और और बेहोश हो गए और एसी बंद होने से बंद कमरे में दम घुटने से उनकी मौत हो गई. एक सदस्य बाथरूम के पास बेहोश मिला था. गंभीर स्थिति में मिली महिला द्वारा खाये गए भोजन के अंश लेकर उसे पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने जांच के लिए भेजा है. एक परिवार के छह लोगों की मौत किन कारणों से हुई इसे लेकर संदेह जताया जा रहा है. पुलिस इस मामले की हर कोण से जांच कर रही है.