Sharad pawar

  • पवार के 80वें जन्मदिन पर सरकार का तोहफा
  • सरकारी योजनाओं में पवार बने नया चेहरा

मुंबई. महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार के किंगमेकर व राकां अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) के 80वें जन्मदिन पर ठाकरे सरकार (Thackeray government) ने उन्हें एक बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। आम तौर से महाराष्ट्र में योजनाओं की शुरुआत कांग्रेस, बीजेपी व शिवसेना के शीर्ष नेताओं के नाम पर की जाती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) ने शरद पवार के नाम से योजनाओं की शुरुआत कर उन्हें बर्थ डे गिफ्ट देने का फैसला किया।

अब ठाकरे सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ मिलकर शरद पवार ग्राम समृद्धि योजना (Sharad Pawar Gram Samridhi Yojana) को लागू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ठाकरे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। यह योजना साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यान्वित की जाएगी।

जानकारों के मुताबिक पवार के नाम से शुरू की जा रही इस योजना को केन्द्र की मोदी सरकार के विवादित किसान कानून का जवाब माना जा रहा है। ठाकरे सरकार ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि वे केंद्र सरकार के किसान कानून को महाराष्ट्र में लागू नहीं करेंगे। पवार की पार्टी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा मजबूत है। ऐसे में इस योजना के लागू होने से राकां के वोट बैंक और मजबूत होने की संभावना है। पवार का जन्मदिन 12 दिसंबर को है।  

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार

शरद पवार ग्राम समृद्धि योजना में चार व्यक्तिगत लाभकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। प्रत्येक लाभार्थी को चार व्यक्तिगत कार्यों के माध्यम से लाभ प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनका पलायन भी रुकेगा।

नई तकनीक पर काम

शरद पवार ग्राम समृद्धि योजना के तहत गायों और भैंसों के लिए स्थायी गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा। इन मवेशी के मूत्र और गोबर का भंडारण कर उसका खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं बकरी और भेड़ के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले शेड का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत 2 जानवर रखने वाले भी किसान लाभ के पात्र होंगें। किसानों को पोल्ट्री शेड खोलने के लिए भी सरकारी मदद की जाएगी।  मिट्टी की क्वालिटी को भी बेहतर बनाने के लिए किसानों को सरकार की तरफ से मदद की जाएगी।