Governor Bhagat Singh Koshyari

    मुंबई. महाविकास आघाड़ी सरकार की तरफ से विधानपरिषद सदस्य नियुक्ति करने के लिए जिन 12 सदस्यों के नाम राज्यपाल (Governor) के पास मंजूरी के लिए भेजे गए थे उसकी सूची (List) राज्यपाल सचिवालय में नहीं, बल्कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) के पास है। इसका खुलासा मंगलवार को राजभवन सचिवालय में हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली (RTI Activist Anil Galgali) ने सूचना के अधिकार (Right to Information) के तहत मिले उत्तर को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। जिस पर हुई सुनवाई में यह बात सामने आई है। 

    गलगली की तरफ से दायर की गई अपील पर 15 जून को राज्यपाल की उप सचिव प्राची जांभेकर के समक्ष सुनवाई हुई। जहां पर गलगली ने सवाल किया कि 12 सदस्यों के नामों की सूची उपलब्ध नहीं है तो आखिर वह किसके पास है? उप सचिव ने कहा कि राज्यपाल के पास 12 नामों की सूची सहित पूरी फाइल है और निर्णय होने पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जिसकी वजह से इसकी जानकारी दी जाए या नहीं? इस पर विचार विमर्श किया जाएगा। 

    आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मांगी थी जानकारी 

    आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने 22 अप्रैल, 2021 को राज्यपाल सचिवालय से जानकारी मांगी थी कि विधान परिषद में सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में मुख्यमंत्री अथवा मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से राज्यपाल को सौंपी गई सूची एवं राज्यपाल की तरफ मनोनीत विधान परिषद  सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में मुख्यमंत्री/मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा राज्यपाल को प्रस्तुत प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जाए। 19 मई 2021 को  गलगली के आवेदन का जवाब देते हुए राज्यपाल सचिवालय के अवर सचिव जयराज चौधरी ने बताया कि लोक सूचना अधिकारी (प्रशासन) के कार्यालय में राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधान परिषद सदस्यों की सूची उपलब्ध नहीं है। जिस पर बवाल मच गया था।