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मुंबई. एक तरफ कंगना रनौत (Kangna Ranaut) और शिवसेना (ShivSena) का विवाद बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ इन सब विवादों के बीच आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhhav Thackrey) ने एक विडियो कॉन्फ्रेंस (Video Conference) की है।

जिसमे उन्होंने साफ़ कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान कोरोना (Corona) युद्ध पर केन्द्रित है। उनका यह भी कहना था कि आज महाराष्ट्र (Mharashtra) को बदनाम करने की कोशिश कि जा रही है जिस पर वे सही समय पर बोलेंगे। लेकिन उनकी ख़ामोशी को उनकी कमजोरी बिलकुल भी न समझा जाये। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस CM उद्धव ठाकरे ने बताया कि “कोरोना की स्थिति गंभीर है जिसके तहत 5 सितंबर से हम एक हेल्थ चेकअप मिशन लॉन्च करने जा रहे हैं। इसके तहत हमारी मेडिकल टीम हर घर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लेंगी।”

वहीं इसके साथ ही CM उद्धव ठाकरे ने बताया कि, “कुछ लोगों को लगता है कि कोरोना खत्म हो गया है और उन्होंने राजनीति भी करना शुरू कर दिया है। मैं  फिलहाल महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए चल रही राजनीति पर कुछ भी नहीं कहना चाहूँगा लेकिन सहीं वक़्त आने पर जरुर बोलूँगा। जिसके लिए मुझे सीएम के प्रोटोकॉल को कुछ समय के लिए अलग रखना होगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान कोरोना युद्ध पर है।”

इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘हम उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि कोरोना वैक्सीन दिसंबर, जनवरी तक सभी जगह उपलब्ध हो जाए। हम राज्य में आने वाले 15 सितंबर से प्रत्येक घर में स्वास्थ्य जांच शुरू करेंगे। जन स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ करने के लिए हमारी स्वास्थ्य टीमें हर घर का दौरा करेंगी। इसके साथ ही हम ऑक्सीजन की कमी को भी खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।”

CM उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि, “इसके पहले भी अतीत में कई तूफान आए और गए  हैं, जिसमे  राजनीतिक उठा पटक भी शामिल हैं। लेकिन मैं इन सभी प्रकार के राजनीतिक तूफानों को संभालने का माद्दा रखता हूँ ।” उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब तक 29.5 लाख किसानों के कर्ज माफ किये गए हैं और साथ ही रिकॉर्ड स्तर पर कपास खरीदी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना युद्ध के लिए राज्य में 3.60 लाख बेड बढ़ाए गए हैं। 

मराठा आरक्षण देने की हो रही पूरी कोशिश

इसके बाद CM उद्धव ठाकरे ने  कि, “हमने कोरोना से लड़ने के लिए ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ नाम से एक अभियान भी शुरू करने जा रहे  हैं। इसके साथ ही मेरी पूरी कोशिश है कि मराठा आरक्षण मिले। इस मुद्दे पर हमने हमारे  विपक्ष से बात भी की है। मराठा आरक्षण देने की मेरी पूरी कोशिश जारी है। हालांकि फिलहाल  सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। लेकिन हमारी  पूरी कोशिश होगी  कि आपको पूर्ण  न्याय मिले। पर मेरा आपसे अनुरोध है कि आंदोलन न करें। गलतफहमी न फैलाएं। मराठा आरक्षण मामले में न्याय मिले, इसके लिए सरकार प्रयासरत  है और  मैं भी अपने पुरे प्रयास के साथ खड़ा हूँ ।”