vijay Wadettivar

मुंबई. केंद्र की मोदी सरकार के कृषि बिल को हम महाराष्ट्र में लागू नहीं करेंगे. यह घोषणा कैबिनेट मंत्री विजय वडेट्टीवार ने की है. उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला महाराष्ट्र विकास आघाड़ी में शामिल सभी दलों के साथ विचार–विमर्श करने के बाद लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह बिल सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसानों के हित में नहीं है. 

सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा 

कैबिनेट मंत्री वडेट्टीवार ने कहा है कि इस बिल से देश के दो बड़े उद्योगपति घराने अंबानी और अडानी समूह को ज्यादा फायदा होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने यह बिल देश के कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़े उद्योगपतियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से लाया है.वडेट्टीवार ने कहा कि पहले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलने की गारंटी होती थी , लेकिन अब किसानों को पूरी तरह से व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ेगा. वहीं फ़ूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया और एपीएमसी जैसी संस्थाओं का रोल भी खत्म हो जाएगा.

बढ़ेगी कालाबाजारी 

वडेट्टीवार ने कहा कि केंद्र सरकार के इस बिल से देश में कालाबाजारी बढ़ेगी. बड़े उद्योगपति किसानों से कौड़ी के दाम में फसल खरीदने के बाद लोगों को ऊंची दर पर अनाज उपलब्ध कराएंगे. इस फैसले से सरकार का अनाज के भंडारण से लेकर अन्य चीजों से कंट्रोल हट जाएगा और उद्योगपति अपनी मोनोपोली का इस्तेमाल कर पूरी व्यवस्था पर काबिज हो जाएंगे.