No paddy buying center in Ambernath even after record production
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    नयी दिल्ली: सरकारी एजेंसियों (Government Agencies) ने चालू खरीफ विपणन सत्र में अब तक 680.68 लाख धान की खरीद की है जो एक साल पहले इसी अवधि में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support prize) (एमएसपी) पर धान की खरीद के मुकाबले 13.98 प्रतिशत अधिक है।  एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने पंजाब (Punjab) से 202.82 लाख टन धान खरीदा, जो कुल खरीद का 29.79 प्रतिशत हिस्सा है।  वर्तमान खरीफ विपणन सत्र में हुई खरीद से 99.88 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।     

    विज्ञप्ति के अनुसार सरकार द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन सत्र के दौरान अब तक 3,30,476.61 टन दलहन और तिलहन खरीदे गए हैं।  इस दौरान 26,719.51 करोड़ रुपये मूल्‍य की 91,86,803 गांठ कपास की खरीद से 18,97,005 किसान लाभान्वित हुए हैं।     

    विज्ञप्त के अनुसार खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है।

    15 मार्च, 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 680.68 लाख टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 597.18 लाख टन धान की खरीद हो पाई थी। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान की गई खरीद से यह 13.98 प्रतिशत अधिक है। 

    धान की खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख टन है, जो कि कुल खरीद का 29.79 प्रतिशत हिस्सा है।    लगभग 99.88 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,28,512.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।     मौजूदा खरीफ सत्र में 15 मार्च तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,30,476.61 टन मूंग, उड़द, तुअर, चना, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है।

    इस खरीद से खरीफ सत्र 2020-21 और रबी सत्र 2021 में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,89,399 किसानों को 1,773.83 करोड़ रुपये की आय हुई है।  इसी तरह से 5,089 टन नारियल गरी या कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ की दलहनी तथा तिलहनी फसलों के आवक के आधार पर तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं। 

    विज्ञप्ति कें अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 15 मार्च तक 18,97,005 किसानों से 26,719.51 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,86,803 गांठ कपास की खरीद की जा चुकी है।(एजेंसी)