रिकार्ड मंदी-तेजी का वर्ष, संवत वर्ष 2076 में आया भारी उतार-चढ़ाव

  • 42% तक आई मंदी, 83% तक आया उछाल

मुंबई. नव संवत वर्ष 2077 की मुहूर्त ट्रेडिंग में दीवाली (Diwali) के दिन शेयर बाजार (Share Market) में रौनक रही और निवेशकों (Investors) की उत्साहपूर्ण खरीदी से चारों मुख्य शेयर सूचकांकों (सेंसेक्स, निफ्टी, मिडकैप और स्मालकैप) में अच्छी तेजी आई. बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी (Sensex and Nifty) तो नई ऊंचाइयों पर जा पहुंचे, लेकिन बीता संवत वर्ष 2076 रिकार्ड मंदी-तेजी का साल साबित हुआ. कोरोना महामारी के साये में बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव आया. 

जहां वर्ष की शुरूआत में चारों शेयर सूचकांक भारी तेजी के बाद उच्च स्तरों से 39 से 42% तक गिरे, वहीं बाद में अप्रत्याशित रूप से लंबी तेजी का दौर चला और इनमें 70% से लेकर 83% तक का रिकार्ड उछाल भी आया.   

चाइनीज वायरस ने बरपाया कहर

चाइनीज वायरस कोरोना ने फरवरी-मार्च 2020 से ऐसा कहर बरपाना शुरू किया कि भारत सहित पूरी ग्लोबल इकनॉमी को जबरदस्त झटका लगा. चूंकि शेयर बाजार इकनॉमी के बैरोमीटर माने जाते हैं. नतीजन शेयर बाजारों में घोर मंदी का माहौल बन गया. इकनॉमी को तो फिर ट्रैक पर आते-आते 7 महिने लग गए, परंतु शेयर बाजारों में यह मंदी क्षणिक सिद्ध हुई और घोर मंदी की आशंकाओं के बीच अप्रैल से ही फिर बढ़त आनी शुरू हो गई, जो जल्द तेजी के दौर में तब्दील हो गई. जोरदार पूंजी प्रवाह के कारण आया तेजी का यह दौर भारत सहित विश्व स्तर पर अब भी जारी है.   

नव वर्ष में तेजी की उम्मीद

भारतीय निवेशकों में यह मान्यता है कि यदि मुहूर्त ट्रेडिंग में बाजार ऊपर रहता है तो अगले साल तेजी आएगी और यदि मुहूर्त के दिन मंदी रहती है तो नया वर्ष मंदी का साल सिद्ध होगा. पिछले साल मुहूर्त ट्रेडिंग में चारों सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए थे. तभी संवत वर्ष 2076 भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर तेजी का वर्ष साबित हुआ. पिछले साल 26 अक्टूबर 2019 को दीवाली मुहूर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स 192 अंक बढ़कर 39,250 अंक पर बंद हुआ था और इस साल 14 नंवबर को 195 अंक बढ़कर 43,637 अंक की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. लिहाजा निवेशकों को उम्मीद है कि नव संवत वर्ष 2077 भी तेजी का साल साबित हो सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि कोरोना महामारी का प्रकोप कम हो जाता है तो निश्चित ही तेजी आने के आसार रहेंगे. क्योंकि अब इकनॉमी कोरोना संकट से उबरने लगी है. अन्य फैक्टर भी पॉजिटिव हो रहे हैं.

तेजी का अनुमान सही साबित

कोटक सिक्युरिटीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष और फंडामेंटल रिसर्च हैड रूस्मिक ओझा, जिन्होंने ‘नवभारत’ में 14 मार्च 2020 को छपे अपने विश्लेषण में कहा था कि जब भी इस महामारी का असर दूर होगा, बाजार में जोरदार तेजी आएगी. जिस तेजी से बाजार गिरा है, उसी तेजी से बढ़ेगा. हमेशा ऐसा ही हुआ है. इसलिए आम निवेशकों को गिरते हुए भावों पर सेंसेक्स और निफ्टी की ब्लूचिप कंपनियों में निवेश करना चाहिए, जो अगले 6 माह से 12 महिनों में फायदेमंद होगा. 8 माह पहले व्यक्त किया गया रूस्मिक ओझा का यह अनुमान पूरी तरह सही साबित हुआ है. तब सेंसेक्स 34,103 अंक पर था और अब 43,638 अंक पर है.

इन 7 सेक्टर पर लगाए दांव : रूस्मिक ओझा 

रूस्मिक ओझा का कहना है कि अब कोरोना की वैक्सीन जल्द आने की संभावना है. इकनॉमी फिर ट्रैक पर आ रही है. इसलिए अगले साल घट-बढ़ के साथ तेजी की उम्मीद तो की जा सकती है, लेकिन पिछले 8 महिनों में भारी तेजी के बाद अब बाजार का मूल्यांकन काफी महंगा हो गया है. लिहाजा 5 से 10% करेक्शन यानी गिरावट भी संभव है. गिरावट आने पर निवेशकों को उन 7 क्षेत्रों (सेक्टर) की अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश पर विचार करना चाहिए, जिनमें अधिक तेजी नहीं आई है और जो अपने उच्च स्तरों से अब भी 20 से 30% नीचे चल रहे हैं. ये 7 सेक्टर हैं बैंकिंग, कैपिटल गुडस, मेटल्स, पेट्रोलियम, रियल्टी, टेलिकॉम और यूटिलिटीज (गैस और पावर).