इस तरह लिखी राजकुमार हिरानी ने ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस” कहानी

मुंबई, बॉलीवुड में हर हफ्ते नई फिल्म रिलीज होती है. कुछ हिट होती है तो कुछ फ्लॉप होती है. लेकिन हर फिल्म कुछ न कुछ नया सिखाती है. ऐसी ही एक फिल्म है ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’. ‘मुन्ना

मुंबई, बॉलीवुड में हर हफ्ते नई फिल्म रिलीज होती है. कुछ हिट होती है तो कुछ फ्लॉप होती है. लेकिन हर फिल्म कुछ न कुछ नया सिखाती है. ऐसी ही एक फिल्म है ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’. ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ 19 दिसंबर 2003 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म को राजकुमार हीरानी ने डायरेक्ट किया था.इस फिल्म में संजय दत्त, अरशद वारसी, बोमन ईरानी,जिमी शेरगिल, ग्रेसी सिंह नजर आए थे. इसके बाद 1 सितंबर 2006 को इस फिल्म का दूसरा पार्ट ‘लगे रहो मुन्नाभाई’रिलीज हुई. इस फिल्म में पहली फिल्म की कास्ट थी. इसमे बस एक बदलाव था. इस फिल्म में लीड एक्ट्रेस विद्या बालन थी.हाल ही में इस फिल्म का तीसरा पार्ट बनाने की बाते हो रही थी. लेकिन यह फिल्म कहां है और कब बनेगी इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है. बात करे ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की तो इस साल इस फिल्म को 16 साल हो पूरे जाएंगे. इस अवसर पर जानते है इस फिल्म से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से…

राजकुमार हिरानी की बतौर डायरेक्टर ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ पहली फिल्म थी. हिरानी कई सालों से इस फिल्म की कहानी लिख रहे थे. हिरानी को अपने मेडिकल के दोस्तों के साथ रहकर इस फिल्म का आईडिया आया. दरअसल, हिरानी के कुछ दोस्त मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे. अपना कॉलेज ख़त्म होने के बाद हिरानी अपने मेडिकल के दोस्तों से मिलने जाते थे. इस तरह उन्हें मेडिकल स्टूडेंट्स की जिंदगी को करीब से जानने का मौका मिला. उसके बाद उनके किसी रिश्तेदार की तबियत ख़राब हो गई और उन्हें अक्सर डॉक्टर से मुलकात करनी पड़ी. इन दोनों घटनाओं से उन्हें मेडिकल फिल्ड के बारे में अच्छी खासी जानकारी मिली.

राजकुमार हिरानी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि छोटी-छोटी बातें, जो उन्हें दिलचस्प लगती थी, वो उन्हें कहीं नोट कर लेते थे. वो नाटक के बैकग्राउंड से आए थे, इसलिए डीटेलिंग पर खास नज़र रहती थी. बाद में इन चीज़ों को अपनी फिल्मों में इस्तेमाल करते हैं. हालांकि हिरानी ने पहले कोई और स्क्रिप्ट लिखी थी. लेकिन उन्हें वो उतनी खास और अलग नहीं लगी. इसलिए उन्होंने ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की स्क्रिप्ट लिखने का काम चालू किया. इस दौरान उनका मेडिकल फिल्ड वाला एक्सपीरियंस उनके भरपूर इस्तेमाल में आया.

राजकुमार हिरानी स्क्रिप्ट का काम पूरा करके फिल्म की कास्टिंग के लिए विधु विनोद चोपड़ा के पास पहुंचे . राजकुमार हिरानी को अपनी फिल्म अनिल कपूर को लीड हीरो के तौर पर लेना था. लेकिन जब विधु विनोद चोपड़ा ने इस फिल्म को प्रोड्यूस करना सोचा तो उन्होंने अनिल कपूर के बदले शाहरुख खान को अप्रोच किया.  इन दोनों ने  शाहरुख खान संग मीटिंग फिक्स की. शाहरुख खानने स्क्रिप्ट पढ़ी. शाहरुख खान को स्क्रिप्ट पसंद आ गयी. लेकिन उनको फिल्म की शूटिंग के दौरान इंजरी हो गई, जिसके चलते उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी.

इसके बाद राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा के सामने विवेक ओबेरॉय और जिमी शेरगिल का नाम सामने आया. इस फिल्म में संजय दत्त की गेस्ट रोल में एंट्री हुई थी. लेकिन कुछ ऐसा हुआ की संजय दत्त को मुन्नभाई का और जिमि शेरगिल को ज़हीर का रोल मिला. फीमेल लीड के लिए भी कई एक्ट्रेस के नाम सामने आए लेकिन आखिर में ग्रेसी सिंह को रोल मिला.खास बात यह है की, इस फिल्म में संजय ने पहली बार अपने पापा सुनील दत्त के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया था.  

जब ये फिल्म रिलीज़ हुई, तब लोगों को कुछ नया देखने को मिला. इस फिल्म में कॉमेडी, इमोशन, रोमांस सब कुछ था. इस कारण यह फिल्म जनता और समीक्षकों को काफी पसंद आई. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 25 हफ्ते तक चली. इस फिल्म को फिल्मफेयर से लेकर आईफा तक अवार्ड मिला. साथ ही इस फिल्म को नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया.