Varsha Gaikwad

    मुंबई. सीबीएसई (CBSE) के बाद महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government)भी राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (12वीं बोर्ड की परीक्षा) को रद्द करने का निर्णय लेगी। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा हुई। स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ (Varsha Gaikwad) ने कहा कि  हमने 12 वीं की परीक्षाओं को लेकर कैबिनेट के सामने स्थिति पेश की है। हमारे प्रस्ताव की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दे दी गई है। दो दिन में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक होगी। उसके बाद निर्णय की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बारहवीं की परीक्षा पहले 23 अप्रैल को होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए इसे आगे बढ़ा दिया गया था। 

    वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यह एक असाधारण स्थिति है। ऐसे में आपदा विभाग जल्द ही इस पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है। केंद्र सरकार के साथ बैठक में भी हमने अपनी इस भूमिका के बारे में सूचित कर दिया है। स्कूली शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बारे में गुरुवार को मुंबई हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार अपना पक्ष रखेगी।

    14 लाख छात्रों को मिलेगी राहत

    महाराष्ट्र सरकार बारहवीं कक्षा की परीक्षा रद्द करने के पक्ष में है। इस फैसले से 14 लाख छात्रों को राहत मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा को लेकर छात्रों के स्वास्थ्य का मुद्दा केंद्र के सामने उठाया था। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने सीबीएसई की परीक्षा रद्द कर दी है। वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हमारी सरकार ने परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार से इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत नीति बनाने की मांग की है। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई बारहवीं की परीक्षा रद्द करने का केंद्र सरकार का फैसला निश्चित रूप से स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि 12वीं की परीक्षा एक छात्र के शैक्षणिक जीवन का अहम कदम होता है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हम सभी के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।