Covid-19: CRPF urges to give plasma to recovered soldiers

– कोरोना के गंभीर रोगियों के उपचार में मिलेगी मदद

मुंबई. कोरोना से जूझ रहे गंभीर रोगियों को ठीक करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी एक विकल्प के तौर पर उभर कर आ रही है.ऐसे में वॉकहार्ट अस्पताल में कोरोना से ग्रसित होकर ठीक हुए अस्पताल के 14 कर्मचारियों ने अपना प्लाज्मा डोनेट कर मरीज़ों की जान बचाने में अपना योगदान दे रहे हैं.

वॉकहार्ट अस्पताल के प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर ऑफ प्लाज्मा ट्रायल डॉ. बेहराम पारदीवाला ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी में कोरोना वायरस से ठीक हुए व्यक्ति के शरीर से प्लाज्मा को निकालकर कोरोना मरीज को दिया जाता है.कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति के शरीर में मौजूद प्रोटीन में एंटी बॉडीज तैयार हो जाते हैं जो वायरस से लड़ने और उसे पराजित करने में सक्षम होते हैं.ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के शरीर में जब प्लाज्मा डाला जाता है तो एंटी बॉडीज वायरस को मारने लगते हैं.

सभी मरीज़ों नहीं दी जाती प्लाज्मा थेरेपी

प्लाज्मा थेरेपी सभी मरीज़ों नहीं दी जाती है. जिन मरीज़ों की हालत जायद खराब होती है उन्हें ही काफी समीक्षा के बाद दी जाती है. बता दें कि कोरोना मरीज़ों का इलाज करते समय वॉकहार्ट अस्पताल के कुल 86 स्टाफ जिसमें डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारी कोरोना की गिरफ्त में आए थे.सभी कर्मचारी ठीक होकर काम पर लौट चुके हैं.

2 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी

डॉ. पारदीवाला ने बताया कि अस्पताल में कर्मचारियों द्वारा दिए गए प्लाज्मा को दो मरीज़ों को दिया गया है. दोनों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है.