वसई- विरार में पानी के 2 प्लांट सील

  • अवैध पानी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई

राधाकृष्णन सिंह

नालासोपारा. वसई-विरार मनपा ने क्षेत्र के अवैध पानी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. इस मामले को लेकर मनपा अधिकारियों ने वसई पूर्व के 2 पानी विक्रेता दुकानों को सील करने के साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है. मनपा की इस कार्रवाई से अवैध पानी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है.

कोरोना काल के दौरान इन पानी विक्रेताओं ने अशुद्ध पानी बिसलेरी कंपनी के जार में भरने और इसे नागरिकों को बेचने की शुरुआत की थी. वसई प्रभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त सुरेंद्र पाटिल के निर्देश पर मनपा स्वास्थ्य अधिकारी सुखदेव दरवेशी की टीम ने कार्रवाई शुरू की है. इस दौरान जूचंद्र स्थित महालक्ष्मी और बापाने स्थित एक अन्य अवैध पानी प्लांट पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया है.

इन क्षेत्रों में बिना अनुमति लगाए गए हैं प्लांट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वसई के पूर्व में रजावली, टिवारी, जूचंद्र, चंद्रपाड़ा, वाकीपाड़ा, बापाने, चिंचोटी, सातीवली आदि क्षेत्रों में अवैध रूप से पानी के प्लांट लगाए गए हैं. वसई- विरार मनपा के वालिव प्रभाग द्वारा दो अवैध पानी प्लांट को सील करने के बाद अन्य पानी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है. पानी विक्रेता खाद्य एवं औषधि प्रशासन और मनपा प्रशासन से बगैर अनुमति लिए नागरिकों को अशुद्ध पानी की आपूर्ति करने के लिए अवैध जल संयंत्र स्थापित कर रखे हैं. कोरोना काल में जब नागरिकों के स्वास्थ्य का मुद्दा सामने आया तो अवैध जल विक्रेता भी कमाई करने में जुट गए.

29 अवैध जल संयंत्र संचालित

वालिव प्रभाग को अशुद्ध पानी की आपूर्ति करने वाले पानी विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की शिकायतें मिली थीं. इसी के आधार पर सुरेंद्र पाटिल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवैध जल संयंत्र के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे. वसई पूर्व में चल रहे ज्यादातर अवैध पानी विक्रेताओं के पास अपने व्यवसाय को चलाने का कोई लाइसेंस या सरल पंजीकरण नहीं है. सूत्रों के अनुसार वर्तमान में इस प्रभाग में लगभग 29 अवैध जल संयंत्र संचालित हैं. स्वास्थ्य अधिकारी सुखदेव दरवेशी ने कहा कि इन सभी अवैध जल संयंत्रों के खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी.