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मुंबई. सोमवार की सुबह मुंबई के लोगों के लिए काफी मुसीबतों भरा रहा. सुबह करीब 10.05 बजे बिजली की सप्लाई अचानक ठप पड़ गई. इस वजह से शहर में करीब 3 घंटे तक बिजली गुल रही. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बिजली की सप्लाई अचानक बंद पड़ जाने से हाहाकार मच गया. शहर की रफ्तार पूरी तरह से थम गई. इस वजह से मुंबई लोकल ट्रेन से लेकर सड़क की ट्रैफिक लाइट भी बंद पड़ गई. ऐसे में बिजली ब्रेक डाउन से शहर की जनता हलाकान हो गई. कोरोना महामारी की मार झेल रही मुंबई के लोगों के लिए यह उर्जा संकट दोहरी मार बन कर आया था.  

थम गई लोकल की रफ्तार 

मुंबई के सेंट्रल ग्रिड के फेल हो जाने से लोकल ट्रेन सेवा की रफ्तार थम गई. टाटा पावर का कलवा ग्रिड भी बंद पड़ गया. बिजली बंद होते ही मुंबई की लाइफ लाइन लोकल जहां की तहां रूक गई. सेंट्रल, ईस्टर्न और वेस्टर्न सभी रूट पर ट्रैफिक ठप हो गया.  इस वजह से करीब सवा दो घंटे से ज्यादा समय तक पश्चिम व मध्य रेलवे की लोकल सेवा बाधित रहीं. मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया कि पावर ग्रिड फेल होने का असर मुंबई लोकल के साथ लंबी दूरी की गाड़ियों के संचालन पर भी पड़ा. इस दौरान लंबी दूरी की कई गाड़ियों को रिशेड्यूएल किया गया. सबेरे पीक आवर के दौरान रेलवे सेवा ठप हो जाने से अत्यावश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मुंबई में दोपहर 2 बजे के बाद से धीरे-धीरे बिजली बहाल हो गई. लाइफ लाइन फिर से पटरी पर दौड़ने लगी.

रद्द करनी पड़ी परीक्षा 

बिजली गुल होने से मुंबई में यूनिवर्सिटी की परीक्षा रद्द करनी पड़ी. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट का कामकाज भी रोकना पड़ा. अस्पतालों में भी मरीजों के साथ उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हालांकि बिजली गुल होने से किसी भी मरीज के साथ अप्रिय घटना की खबर नहीं है.   

बेबस दिखी ठाकरे सरकार 

मुंबई शहर में अचानक बिजली फेल होने के बाद ठाकरे सरकार पूरी तरह से लाचार दिखी. पहले से कोरोना महामारी से जूझ रहे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए बिजली  फेल की समस्या दोहरी मुसीबत लेकर आई थी. इस दौरान जहां सीएम ठाकरे ने उर्जा मंत्री नितिन राउत से जल्दी बिजली आपूर्ति को बहाल करने के लिए भारी दवाब बनाया. वहीं राउत अपनी टीम के साथ इस महासंकट से उबरने के लिए लगातार अधिकारियों को फोन लगाते रहे.    

सूरज ने बरपाया सितम 

बिजली फेल होने से जहां आम मुंबईकरों को सड़कों और लोकल ट्रेन में मुसीबतों का सामना करना पड़ा. वहीं पिछले कुछ दिनों से मुंबई में पड़ रही गर्मी की वजह से घरों में भी लोगों को पसीने बहाने पड़े.  

जांच के आदेश 

बिजली संकट से  निपटने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आनन–फानन में एक हाई लेवल बैठक बुलाई है. उन्होंने ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत से बिजली फेल होने के मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं. राउत ने कहा है कि इस मामले की जांच के बाद जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

कैसे आया संकट 

सोमवार को शहर में बिजली आपूर्ति की पावर ग्रिड अचानक फेल हो गई. इससे मुंबई शहर के चर्चगेट  नरीमन पॉइंट, दादर, बांद्रा, ग्रांटरोड, महालक्ष्मी और परेल समेत मुंबई और एमएमआर इलाके में बिजली आपूर्ति बंद हो गई. उर्जा मंत्री नितिन राउत ने बताया कि एमएसईटीसीएल 400 केवी कलवा-पड़घा जीआईएस सर्किट 1 में मरम्मत का काम किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि इस दौरान बिजली का लोड सेकेंड यूनिट पर था. सेकेंड यूनिट में तकनीकी खामी थी, जिसकी वजह से बिजली ठप हो गई. बीएमसी के मुताबिक टाटा की बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण मुंबई में बिजली ग्रिड फेल हुई. 

मुख्य बातें 

  • सोमवार सुबह करीब 10.05 बजे मुंबई में बत्ती गुल 
  • लोकल ट्रेन सेवा हुई ठप
  • सडकों के ट्रैफिक सिग्नल बंद पड़े
  • मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग 
  • उर्जा मंत्री राउत को बिजली बहाल करने के निर्देश   
  • दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हुई लोकल 
  • मुंबई यूनिवर्सिटी की परीक्षा स्थगित
  • कोविड अस्पतालों में पॉवर बैकअप से टला खतरा 
  • मुख्यमंत्री ठाकरे ने दिए जांच के आदेश    
  • दोषियों पर होगी कार्रवाई