देशपांडे सहित 4 को मिली जमानत

  • सरकार पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप
  • मनसे को डराने की कोशिश

मुंबई. लोकल ट्रेन शुरु करने की मांग को लेकर मनसे की तरफ से किए गए सविनय अवज्ञा आंदोलन में गिरफ्तार मनसे नेता संदीप देशपांडे सहित सभी 4 मनसे सैनिकों को कल्याण रेलवे कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया है. रिहा होने के बाद देशपांडे ने सरकार पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की कार्रवाई कर डराने का प्रयास कर रही है लेकिन हम डरने वाले लोग नहीं हैं.

मनसे ने उपनगरीय लोकल सेवा शुरु करने की मांग को लेकर सोमवार को सविनय अवज्ञा आंदोलन किया था. जिसके तहत मनसे महासचिव संदीप देशपांडे, महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेना के कार्याध्यक्ष संतोष धुरी, गजानन काले और अतुल भगत ने शेलू से कर्जत तक लोकल ट्रेन यात्रा की थी. रेलवे पुलिस ने सभी को कर्जत चारफाटा से गिरफ्तार किया था. सभी को कल्याण कोर्ट में पेश किया गया जहां 15 – 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई.

जनता के लिए संघर्ष करते रहेंगे : संदीप देशपांडे

 कोर्ट से बाहर आने के बाद संदीप देशपांडे ने कहा कि हमने जो कुछ किया वह जनता के लिए किया है. सरकार हमारे सिर पर बंदूक रखकर डराने का काम कर रही है.लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं, जनता के लिए संघर्ष करते रहेंगे.उन्होंने कहा कि रेलवे की लोकल सेवा केवल आवश्यक सेवा के लिए शुरु है.अन्य लोगों को बस से यात्रा करनी पड़ रही है. बस में भीड़ हो रही है. नोकरीपेशा लोगों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है. मनसे की तरफ से मुख्यमंत्री को बार-बार पत्र लिखने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है.