Corona's position in Mumbai is 'under control': BMC

  • जानकारी मिलने पर रोका टेंडर
  • बीजेपी ने लगाया आरोप

मुंबई. कोरोना संकट में लिए गये निर्णय पर बीएमसी प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी लगातार घोटालों के आरोपों पर घिरती जा रही है. अब बीएमसी में बीजेपी पार्टी नेता विनोद मिश्र ने बीएमसी का टेंडर घोटाला उजागर किया है. मिश्र ने आरोप लगाया कि बीएमसी के हिन्दू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रामा सेंटर जोगेश्वरी, कूपर हॉस्पिटल और भगवती अस्पताल में 43 करोड़ रुपये का ऑक्सीजन पाइप लाइन घोटाला हुआ है. बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल को लिखे पत्र में मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ऑक्सीजन पाइप लाइन सप्लाई करने का जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वह हरियाणा में  ब्लैक लिस्टेड है. उन्होंने ठेका रद्द करके मामले की जांच करने की मांग की है. 

कमिश्नर को लिखे पत्र में मिश्रा ने आरोप लगाया है कि इसी कंपनी की लापरवाही के कारण मई 2020 में ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन की लो सप्लाई के कारण 12 मरीजों की मौत हो गई थी. जिसकी जांच के लिए बीएमसी ने एक कमेटी के गठन किया है.उस मामले की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं कि गई.  मिश्रा ने कहा कि बीएमसी के टेंडर में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि यदि कोई कंपनी देश में कहीं भी ब्लैक लिस्टेड है तो वह टेंडर में सहभागी नहीं हो सकती. जबकि यह कंपनी पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा ब्लैक लिस्टेड है. इसलिए इस कंपनी के खिलाफ सच छुपाने के आरोप में बीएमसी के किसी टेंडर में भाग लेने से वंचित किया जाए. 

टेंडर का रिव्यू करने के साथ इसे रद्द करे

मिश्रा ने कमिश्नर से मांग की कि यह टेंडर काफी ऊंचे दाम पर दिया गया है. मिश्र ने कहा है कि  बीएमसी पूरे टेंडर का रिव्यू करने के साथ इसे रद्द करे. हालांकि बीएमसी के आतिरिक्त आयुक्त वेलारासू को इसकी जानकारी मिलने के बाद टेंडर को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है. उन्होंने मिश्र के आरोपों के बाद चंडीगढ़ में ब्लैक लिस्ट की गई कंपनी का रिकॉर्ड तलाशने का निर्णय लिया है. 

जांच कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग 

मिश्र ने बताया कि इससे पहले ट्रामा सेंटर, भगवती और कूपर अस्पताल के लिए यूनिटी कंपनी को 300 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था. यूनिटी कंपनी ने इस ब्लैक लिस्टेड कंपनी को सबसिडरी बना कर ठेका दिया था. कंपनी के कारण ही 12 मरीजों की मौत हुई थी. उन्होंने ट्रामा अस्पताल के लिए गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की.