Maharashtra Corona: Health Minister Rajesh Tope said - Restrictions can be extended even from May 1
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मुंबई. कोराना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर) में अब तक कोराना के 50 हजार मरीज ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि एक महीने के भीतर यह दूसरा अवसर है जब कोराना के एक ही दिन में बड़ी संख्या में मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है. बुधवार को 4161 मरीज डिस्चार्ज किए गए. 

 पूरे राज्य में अब तक 73 हजार 972 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं. इसमें एमएमआर  जिसके अंतर्गत मुंबई, मनपा, ठाणे, पालघर, रायगड 4 जिले आते हैं बुधवार को 3530 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए. 

 एक्टिव मरीज 47,654  

 29 मई को एक दिन में 8381, 15 जून को 5071 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था. राज्य में ठीक होने वाले मरीजों की दर 51 प्रतिशत पर पहुंच गई है. एमएमआर में कोराना मरीजों की संख्या 94,395 है इनमें से 51,736 मरीज ठीक हो चुके हैं, एक्टिव मरीज 47,654 हैं जबकि 4,923 मरीजों की मौत हो चुकी है. 

वार्ड रुम के जरिये ही होगी कोराना मरीजों की भर्ती

मुंबई में कोराना मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड की उपलब्धता पर बीएमसी कमिश्नर इकबाल चहल ने सख्त निर्देश दिया है कि सिर्फ वार्ड रुम के जरिये ही अस्पतालों में भर्ती होगी. मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ  वीडियो कांफ्रेंसिंग के तहत बैठक आयोजित की गई थी. आयुक्त ने कहा कि मुंबई में कोराना की रोकथाम के लिए सभी स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. मरीजों को जल्द और सही समय पर उपचार मिल सके इसलिए निजी अस्पतालों के 80 प्रतिशत बेड, आईसीयू बेड 24 वार्डों में बनाए गए वार रुम के जरिये किया जा रहा है.

बेड का वितरण केवल ‘वार्ड रुम’ के जरिये 

आयुक्त ने कहा कि आईसीएमआर की गाइड लाइन के अनुुसार अस्पतालों में उपलब्ध बेड केवल उन मरीजोंं के लिए होगा जिनमें कोराना के लक्षण दिखाई देंगे. सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट बेड का वितरण केवल ‘वार्ड रुम’ के जरिये ही किया जाएगा.  इन बेडों का वितरण करने का अधिकार किसी भी निजी अस्पताल प्रशासन को नहीं होगा. निजी अस्पताल प्रशासन को अपने रिसेप्शनिस्ट, टेलिफोन ऑपरेटर को बेड वितरण की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराना चाहिए. जिससे बेड के लिए निजी अस्पतालों में फोन करने वालों को सही जानकारी मिल सके. अलक्षणीय मरीजों को बेड नहीं दिया जाना चाहिए. जरुरतमंद मरीजों को ही बेड उपलब्ध कराने का निर्देश आयुक्त दिया है. अस्पतालों में भर्ती अलक्षणीय कोराना पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज करने की कार्रवाई जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है. आयुक्त ने निजी अस्पतालों को अपने बेड की जानकारी 24 घंटे में 4 बार अपडेट करने के लिए कहा है.