6700 labor on metro projects, 14 thousand needed to complete projects

    मुंबई. वैश्विक महामारी कोरोना (Corona) की वजह एमएमआरडीए (MMRDA) के मेट्रो प्रोजेक्ट्स (Metro Projects) का काम प्रभावित हो रहा है। बताया गया कि मुंबई एमएमआर (Mumbai MMR) में जारी मेट्रो रेल परियोजनाओं (Metro Rail Projects) में इस समय 6724 लेबर काम कर रहे हैं। एमएमआरडीए आयुक्त आर. ए. राजीव के अनुसार कोरोना की विपरित परिस्थितियों में भी कम मजदूरों के साथ मेट्रो की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। मुंबई सहित पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्थिति बिगड़ गई है। एमएमआर में लगभग 300 किमी लंबे मेट्रो नेटवर्क एवं फ्लाईओवर आदि का काम चल रहा है। 

    इस समय कोरोना की वजह से काफी मजदूरों का पलायन हो गया है। लॉकडाउन की वजह से आने गांव- घर गए मजदूर फिलहाल लौटना नहीं चाहते। मुंबई-एमएमआर में 8 स्थानों पर मेट्रो का काम चल रहा है। एमएमआरडीए द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस समय सभी साइट पर लगभग 6700 मजदूर काम कर रहे हैं। इन सभी साइट पर 31 मार्च तक 9491 मजदूर कार्यरत थे। अप्रैल महीने में इनकी संख्या और घट गई। 

    14 हजार से मजदूरों की आवश्यकता

    बताया गया है कि सभी साइट पर काम समय पर पूरा करने के लिए इस समय 13,900 से ज्यादा मजदूरों की जरूरत है। एमएमआरडीए के मेट्रो प्रोजेक्ट को 6000 से ज्यादा मजदूरों की कमी हो रही है। ज्यादा वेतन का ऑफर देने के बावजुद मजदूर नहीं मिल रहे हैं।

    परियोजना पूरी होने में होगी देरी

    कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए परियोजनाओं को पूरा करने में अधिक समय लग सकता है। मेट्रो-2 ए और 7 अपने अंतिम चरण में हैं। इन्हें सितंबर-अक्टूबर तक खोले जाने की योजना थी, परन्तु मजदूरों और अन्य कच्चे माल की कमी की वजह से और देरी हो सकती है। मेट्रो लाइन 2-ए पर पिछले 31 मार्च तक 2469 लेबर कार्यरत थे, इस समय 2606 से ज्यादा लेबर की जरूरत थी,जबकि 1653 मजदूर ही काम कर रहे हैं। मेट्रो 7 के लिए 3167 लेबर की आवश्यकता है, लेकिन इस समय मात्र 1656 लेबर काम कर रहे हैं। इसी तरह अन्य 6 प्रोजेक्ट पर लेबर काफी कम हो गए हैं। कुल मिलाकर क्षमता से लगभग आधे ही लेबर से ठेकेदारों को काम चलाना पड़ रहा है।