69% पेरेन्ट्स वर्चुअल एजुकेशन से संतुष्ट

– कंगारू किड्स का सर्वेक्षण

– बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे अभिभावक

मुंबई. शिक्षा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी कंगारू किड्स एजुकेशन लिमिटेड ने अपने स्कूलों बिलाबौंग हाई इंटरनेशनल और कंगारू किड्स इंटरनेशनल प्री-स्कूल्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता की राय जानने के लिए एक सर्वेक्षण किया. इस सर्वेक्षण का उद्देश्य था वर्चुअल स्कूलिंग प्रोग्राम पर उनका फीडबैक लेना और लॉकडाउन के बाद स्कूल फिर से खोलने के बारे में पेरेन्ट्स की उम्मीदों का जायज़ा लेना. इसमें 973 लोगों ने हिस्सा लिया. सर्वे में शामिल 973 में से 69 पेरेन्ट्स ने वर्चुअल स्कूलिंग को संतोष प्रकट किया, जबकि 5% संतुष्ट नहीं थे, 1% अत्यंत असंतुष्ट थे. जबकि 20% तटस्थ थे और 5% अन्य श्रेणी में थे.

ऑनलाइन पढ़ाई में चाहते हैं सुधार

 सर्वेक्षण में पूछा गया कि अपने बच्चों का वर्चुअल शिक्षण अनुभव बढ़ाने के लिए वर्चुअल स्कूलिंग प्रोग्राम में क्या जोड़ना चाहेंगे? इस पर अभिभावकों की ओर से बहुत से सुझाव आए जैसे वर्चुअल कक्षाओं को और ज्यादा इंट्रैक्टिव बनाया जाए, पढ़ाने की गति को धीमा किया जाए, एक वक्त में बहुत सारे बच्चे नहीं होने चाहिए, परीक्षा हेतु ऑनलाइन टैस्ट रखे जाएं. हर सप्ताह जो पढ़ाया जाता है. उसकी साप्ताहिक समीक्षा हो, सत्र थोड़ा छोटे रखे जाएं. इस प्रकार के कुल 72 सुझाव अभिभावकों द्वारा स्कूल को दिए गए. पेरेन्ट्स ने स्कूलों से यह भी निवेदन किया कि वर्चुअल मीटिंग के उचित व्यवहार को अमल में लाया जाए और जो विद्यार्थी जानबूझ कर कक्षा में खलल पैदा करते हैं उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाए. बच्चे बेहतर ढंग से स्क्रीन टाईम के साथ निभा पाएं इसके लिए 5-10 मिनट का आंखों और हाथों का व्यायाम भी शुरु करवाया जाए.

जारी रहे ऑनलाइन पढ़ाई

सर्वेक्षण का एक दिलचस्प हिस्सा वह था, जब अभिभावकों से पूछा गया कि क्या सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद क्या वे अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे? केवल 21% पेरेन्ट्स ने ’हां’ में जवाब दिया कि वे तत्काल अपने बच्चों को स्कूल भेज देंगे. जबकि 72% ने कहा कि वे एक सप्ताह तक प्रतीक्षा करेंगे और उसके बाद भेजेंगे. 88% लोग कुछ सप्ताह रुकने के बाद फैसला करना चाहते हैं, 49% लोग बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे थे और 63% चाहते हैं कि स्कूल पुनः खुलने के बाद भी वर्चुअल स्कूलिंग से पढ़ाई होती रहे.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

अभिभावकों से कहा गया कि स्कूल पुनः खुलने के बाद 5 सावधानियों को क्रम में रखें तो सभी ने कहा कि वे चाहते हैं कि स्कूलों में सबसे पहले हाइजीन व सैनिटाइज़ेशन, सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था हो फिर स्कूलिंग स्ट्रक्चर ऐसा हो कि भीड़ न होने पाए, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑल्टरनेट डे स्कूलिंग पर भी ध्यान दिया जाए.