बीएमसी अस्पतालों, जंबो सेंटर के लिए 80 % ऑक्सीजन रिजर्व

  • 115 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की जरुरत
  • फिलहाल 1,583 मरीज आईसीयू में और 1,005 मरीज वेंटिलेटर पर

मुंबई. राज्य में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए बीएमसी ने अपने 5 प्रमुख अस्पतालों और जंबो कोविड सेंटर्स के लिए 80% ऑक्सीजन रिजर्व रखने का निर्णय लिया है. मुंबई में अभी 115 मैट्रिक टन यानी 1 लाख लीटर से भी अधिक ऑक्सीजन की खपत हो रही है. ऑक्सीजन की कमी पर बीएमसी ने कहा है कि अभी उसके पास ऑक्सीजन की कमी नहीं है. 

अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि बीएमसी अस्पतालों और कोविड सेंटर्स में 20% ऑक्सीजन की आवश्यकता है, लेकिन बीएमसी ने 80% ऑक्सीजन रिजर्व कर लिया है.

गणेशोत्सव के बाद बढ़ रहे कोरोना मरीज 

 काकानी ने बताया कि गणेशोत्सव के बाद मुंबई में कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं. गणेशोत्सव से पहले मुंबई में 18 से 20 हजार एक्टिव मरीज थे, लेकिन अब 30 हजार से अधिक हो चुके हैं. इससे उन मरीजों की संख्या बढ़ गई जिन्हें ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की आवश्यकता है. बीएमसी के आंकड़े बताते हैं कि 17 सितंबर को गंभीर मरीजों की संख्या 1 हजार 265 थी जिसमें 1 हजार 583 मरीज आईसीयू में हैं.  इस समय ऑक्सीजन पर  5,919 और वेंटिलेटर पर 1,005 मरीज हैं. ऑक्सीजन और वेंटिलेटर वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ रही है.

रोजाना 1 लाख लीटर से अधिक ऑक्सीजन की खपत हो रही 

 मुंबई में सरकारी, बीएमसी, जंबो कोविड सेंटर और निजी अस्पतालों  में रोजाना 1 लाख लीटर से अधिक ऑक्सीजन की खपत हो रही है. बीएमसी के अस्पतालों और कोविड सेंटरों में 2.5 लाख लीटर  पालिका ऑक्सीजन का भंडारण है. काकानी ने बताया कि वर्ली, बीकेसी, नेस्को-गोरेगांव, दहिसर, मुलुंड बांद्रा सहित 7 कोविड सेंटर कार्यरत हैं. यहां ऑक्सीजन की कमी रोकने के लिए सभी सेंटरों में टर्बो ऑक्सीजन टैंक लगाया गया है. सभी टैंक की क्षमता 13 हजार और 26 हजार लीटर की है. कुछ स्थानों पर दो- दो टैंक लगाए गए हैं. अस्पतालों में भी ऑक्सीजन टैंक और सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था है. अभी केवल 30% ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है इसलिए 80% ऑक्सीजन हमारे पास रिजर्व हैं.  काकानी कहा कि यदि प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन की कमी पड़ रही है तो उन्हें बीएमसी से संपर्क करना चाहिए.

 जांच के आदेश

इस बीच, राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ती खपत की जांच करने का आदेश दिया है. मुंबई में साधारणतया 500 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत होती है लेकिन सितंबर में अचानक 100 मैट्रिक टन खपत बढ़ गई है. राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन, महानगर पालिकाओं  को नोटिस भेज कर ऑक्सीजन की खपत में वृद्धि होने का ऑडिट करने का भी आदेश दिया है.